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भोला जाट पर पचास हजार का इनाम

Thu, 28 May 2015 11:06 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाए गए पंकज उर्फ भोला जाट पर डीजीपी अरविंद कुमार जैन ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उन्होंने स्थानीय पुलिस से मामले में प्रगत की जानकारी ली। वहीं देर रात जेल पहुंचे अधिकारियों ने भोला के साथ बैरक में बंद रहे बंदियों से पूछताछ की। अलीगढ़, भरतपुर के अलावा कई टीमों ने दूसरे जिलों में भी दबिश दीं लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
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गौरतलब है कि फीरोजाबाद जिला जेल में बंद भोला जाट को मथुरा न्यायालय से पेशी करा कर लौट रहे चार सिपाहियों पर बदमाशों ने टूंडला ओवरब्रिज के पास बस के अंदर हमला बोल दिया था। आंखों में मिर्च झोंककर फायरिंग की गई और भोला जाट को उसके साथी पुलिस अभिरक्षा से छुड़ा कर ले गए। हमले में चारों सिपाही घायल हुए थे। इस घटना के बाद सूबे के डीजीपी एके जैन ने भोला पर 50 हजार का इनाम घोषित किया है। बतादें कि मैनपुरी जेल में बंद शार्प शूटर पंकज उर्फ भोला को 11 अप्रैल 2015 को जिला जेल में दाखिल किया गया था। इस दौरान उससे मिलाई को कौन-कौन लोग आए  इसका सटीक जवाब न तो जेल प्रशासन के पास है और न ही पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के पास। जेल अधीक्षक की माने तो मिलाई को आने वाले लोग पंकज के भाई थे लेकिन उनके बारे में तस्दीक करने की सुध न तो जेल प्रशासन ने ली और न ही पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने। इससे इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि भोला के भाई बनकर जेल पहुंचे वाले लोग कहीं उसके गैंग के ही सदस्य तो नहीं थे, जिन्होंने मुलाकात के दौरान ही जेल के अंदर वारदात का ताना बना बुना हो। जेल अधीक्षक पीएन पांडेय का कहना है कि मुलाकाती पर्ची मिलने वाले व्यक्ति की आईडी देखकर ही बनाई जाती है। वहीं एएसपी सिटी उदय शंकर सिंह का कहना है कि देर रात बंदियों से पूछताछ की गई थी। लेकिन कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस की एक टीम को भरतपुर के लिए रवाना किया है। शहर के साथ आसपास के जिलों में भी भोला उर्फ पंकज और उसके साथियों की तलाश की गई थी। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

लूटी गई रायफल की बरामद
भोला उर्फ पंकज को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने के साथ ही बदमाश पुलिस की राइफल भी लूटकर ले गए थे। जिनको पुलिस ने देर रात टूंडला क्षेत्र से बरामद कर लिया है।
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पुराने आईओ से भी ली जा रही जानकारी
सूत्रों की माने तो पंकज उर्फ भोला के साथ उसके गैंग के सदस्यों पर दर्ज मुकदमों की विवेचना कर रहे आईओ को फीरोजाबाद बुलाकर उनसे भी पूछताछ कर अभिलेखों को एकत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही भोला और उसके साथियों पर शिकंजा कसा जा सके।

रिश्तेदारों पर भी कसा जाएगा शिकंजा
भोला और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस परिवारीजनों के साथ उसके रिश्तेदारों पर भी शिकंजा कसेगी। इसके लिए पुलिस अधिकारी विभिन्न जिलों के आईओ से सहयोग लेगी।

भोला के साथ परिवारीजन भी फरार
भोला केे पुलिस कस्टडी से फरार होते ही उसके परिवारीजन भी घर छोड़कर चले गए। पुलिस दबिश देने उसके घर पहुंची तो वहां न तो परिवारीजन मिले और न ही रिश्तेदार। ऐसे में पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।

हेड : बदमाश भोला को ट्रक से लेकर चली थी पुलिस
फीरोजाबाद जेल से मथुरा पेशी पर ले जाने-ले आने के दौरान डग्गामार बस और ऑटो में भी किया सफर

लापरवाही की हद
1. फीरोजाबाद जेल से राजा का ताल तक ट्रक में लाया गया।
2. राजा का ताल से भगवान टाकीज आगरा तक डग्गामार बस में।
3. भगवान टाकीज से कैंट रेलवे स्टेशन तक ऑटो में।
4. कैंट स्टेशन से मथुरा तक केरला एक्सप्रेस ट्रेन में।
5. मथुरा में पेशी के बाद आगरा आईएसबीटी तक पेशी वाहन में।
6. आईएसबीटी से भगवान टाकीज तक ऑटो में।
7. भगवान टाकीज पर फिर से प्राइवेट बस में सवार हुए।
 
अमर उजाला ब्यूरो
आगरा। जो अपराधी पुलिस अभिरक्षा से कैदियों को छुड़ाने के लिए बदनाम हो, उसे जेल से कोर्ट में पेशी के लिए पुलिस ट्रक से लेकर चली थी। इसके बाद कभी ट्रेन से सफर किया तो कभी ऑटो से। बस वाले ने हाथ से इशारा कर दिया तो बस में सवार हो गए। उसकी अभिरक्षा में लगे सिपाहियों की लापरवाही का ही नतीजा रहा जो बदमाश पंकज उर्फ भोला को उसके साथी छुड़ाकर ले गए। अगर उसे पेशी वाहन से लाया जाता तो बदमाश शायद इतना दुस्साहस न कर पाते, लेकिन यह सिर्फ एक किस्सा नहीं है। अपराधियों की पेशी में पुलिस ऐसी ही लापरवाही बरत रही है। 

बस वाले की भूमिका संदिग्ध
भगवान टाकीज पर पुलिस, भोला को लेकर बस का इंतजार कर रही थी। तभी एक बस चालक ने बैठने का इशारा किया। यह चौंकने वाली बात है, क्योंकि बस वाले ऐसी सवारियों से बचते हैं। एक तो टिकट का पैसा नहीं मिलता। दूसरा कैदी को ले जाने में खतरा रहता है। लेकिन सिपाही इशारा पाते ही बैठ गए। उन्हें पीछे की सीट मिली।

बदमाशों को कैसे पता चला
इसके बाद वाटर वर्क्स तक पहुंचने से पहले बस दो बार रुकी। यहीं पर भोला के साथी सवार हो गए। पुलिस की जांच का एक बिंदु यह है कि बदमाशों को कैसे पता चला कि भोला इस बस में सवार है? उन्हें इसकी सूचना कैसे मिली? क्या भोला के कुछ साथी पहले से ही बस में सवार थे?

मथुरा से पीछा कर रहे थे बदमाश
भोला को छुड़ाने के लिए बदमाश मथुरा पहुंच गए थे। उसकी पेशी के दौरान बदमाश तीन बाइक पर मौजूद थे। संयोग से यहां पुलिस को पेशी वाहन मिल गया, जिसमें 15 सिपाही थे। माना जा रहा है कि इसके चलते आगरा तक उसे नहीं छुड़ाया जा सका। एत्मादपुर पार करते ही बदमाशों ने वारदात को अंजाम दे डाला।

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तीन गिरोह की कुंडली खंगाल रही पुलिस
राणा, अरुण फौजी और सोनू गौतम के गैंगों पर कसेगा शिकंजा
आगरा। पंकज जाट उर्फ भोला की फरारी के बाद आगरा रेंज की पुलिस अब हरेंद्र राणा, अरुण फौजी और सोनू गौैतम के गिरोहों की कुंडली खंगालने में जुट गई है। तीनों गैंग के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई है। तीनों सरगना जेल में बंद हैं। ऐसे में गैंग के सदस्यों का मूवमेंट कहां चल रहा है। पुलिस अब सभी पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। इनाम घोषित करने की कवायद भी की जा रही है।
फीरोजाबाद जेल में बंद श्रीधाम एक्सप्रेस हत्याकांड के आरोपी भोला की फरारी के बाद आगरा जोन की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हरेंद्र राणा, अरुण फौजी और सोनू गौतम के गैंगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। किस गैंग में कितने सदस्य हैं। इनमें कितने जेल से बाहर हैं और कितने जेलों में बंद है। सभी का रिकार्ड मांगा गया है। इन गैंगों से जुड़े सदस्यों पर इनाम घोषित होगा। इनके स्केच तैयार कराए जाएंगे, जिनके फोटो हैं, उनके फोटो जोन के हर थाने में लगाए जाएंगे। भोला पर भी इनाम घोषित करने का काम चल रहा है। डीआईजी ने बताया कि फीरोजाबाद की एसओजी टीम और दो अन्य टीमें उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी हुई हैं।
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