पर्यावरण मंत्रालय द्वारा प्रदूषण की जांच के लिए गठित कमेटी की दस्तक से उद्यमियों के होश उड़ गए हैं। कमेटी में शामिल अधिकारी 14 दिसंबर को आधुनिक यंत्रों के साथ आगरा, टूंडला से लेकर फीरोजाबाद तक वायु गुणवत्ता एवं प्रदूषण की जांच कर आंकड़े जुटाएंगे। वहीं क्षमता वृद्धि की हकीकत जानने के लिए कांच इकाइयाें में भी दस्तक दे सकते हैं।
वायु प्रदूषण के कारण ताजमहल के पीले होने का मामला पर्यावरण एवं वन मंत्रालय तक पहुंच गया है। पर्यावरण मंत्रालय से औद्योगिक प्रदूषण एवं वायु गुणवत्ता की नए सिरे से जांच कराने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी टीटीजेड में उद्योगों के प्रदूषण का ताजमहल पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? की विस्तृत जांच करेगी। कमेटी आठ सितंबर को पर्यावरण मंत्रालय में आयोजित बैठक में टीटीजेड में पर्यावरण से संबंधित मुद्दों पर लिए निर्णयों के पालन के लिए प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों की जांच भी करेगी। कमेटी द्वारा 13 दिसंबर को आगरा विकास प्राधिकरण कार्यालय में 10 बजे जिला प्रशासन, उद्योग विभाग, प्रदूषण बोर्ड सहित अन्य अफसरों के बैठक की जाएगी। 11 बजे एनजीओ और 12 बजे उद्यमी संगठनों के साथ बैठक की जाएगी। 14 दिसंबर को कमेटी में शामिल अफसर टीटीजेड आगरा से लेकर टूंडला, फीरोजाबाद तक आधुनिक यंत्रों के सहारे वायु गुणवत्ता एवं प्रदूषण की जांच कर आंकड़े जुटाएंगे। कमेटी जनवरी-15 से क्षमता वृद्धि पर लगी रोक के बाद इकाइयों में क्षमतावृद्धि हुई अथवा नहीं, इसकी भी जांच करेगी।
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कारखानों में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने में जुटे उद्यमी
पर्यावरण मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी के सुहागनगरी में दस्तक देने की भनक लगते ही उद्यमी कारखानों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए हैं। कारखानों के आसपास गंदगी, जलभराव जैसी स्थिति न हो, इसके लिए कर्मचारियों से साफ-सफाई कराई जा रही है।