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राजधानी से अलग हो तीन किमी दौड़ता रहा इंजन

Sun, 05 Apr 2015 10:48 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
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कानपुर रेलखंड पर मक्खनपुर रेलवे स्टेशन के निकट एक फिर बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। पटरियों पर दौड़ती रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस इंजन से कपलर खुलने से बोगियाें से अलग हो गया। करीब दो किमी तक बोगियां रेल इंजन के बिना पटरी पर दौड़ती रहीं, वहीं रेल इंजन किमी आगे जाकर रुका। घटना से रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। वहीं ट्रेन झटके लेकर रुकने पर यात्रियों के भी होश उड़ गए। तत्काल रेल चालक को अवगत कराकर इंजन को वापस ट्रेन तक ले जाया गया। तब करीब आधा घंटे बाद ट्रेन को रवाना किया गया। इस दौरान पीछे आ रही ट्रेनों को जहां के तहां रोक रखा गया।
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 रांची से चलकर नई दिल्ली जा रही 12439 राजधानी एक्सप्रेस रविवार सुबह 7.54 बजे करीब अपनी निर्धारित गति से मक्खनपुर के स्टेशन के से गुजरी तभी अचानक इंजन और बोगियों के बीच लगा कपलर खुल गया। इसके चलते रेल इंजन बोगियों को पीछे छोड़ आगे निकल गया। वहीं ट्रेन झटके लगने के साथ चलती हुई मक्खनपुर रेलवे स्टेशन से करीब दो किमी आगे निकलते हुए रुक गई। रेल चालक को इसकी जानकारी होती और वह इंजन रोकता तब तक वह करीब तीन किलोमीटर आगे निकल चुका था। ट्रेन को इंजन से अलग देख यात्रियों के होश उड़ गए। स्टेशन पर मौजूद लोगों में भी दहशत व्याप्त हो गई। गनीमत रही कि उस वक्त पीछे से कोई और ट्रेन नहीं आ रही थी। घटना की जानकारी रेलवे प्रशासन को हुई तो उनकी हवाईयां उड़ गईं। तुरंत ही पीछे आ रही ट्रेनों को रोका गया। अधिकारियों के निर्देश पर आगे निकले इंजन को वापस लाया गया। करीब 8.25 बजे कपलर को सही कर ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। घटना के बाद ट्रेन को टूंडला स्टेशन पर रोका गया। घटना की जांच के लिए एक पैनल दिल्ली रवाना किया गया है। वहां जांच के बाद ज्वांइट नोट तैयार कर इलाहाबाद भेजा जाएगा। इस घटना के चलते पीछे आ रहीं संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, विक्रमसिला एक्सप्रेस, मरुधर एक्सप्रेस एंव गुड्स ट्रेनों सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें प्रभावित रहीं।

तीन हफ्ते पूर्व भी राजधानी से अलग हुआ था इंजन
टूंडला ब्यूरो। तीन हफ्ते पूर्व भी राजधानी एक्सप्रेस इंजन से अलग हो गई थी। उस वक्त भी यात्रियों की जान पर बन आई थी। बताते हैं कि अधिकतर मालगाड़ियों के ट्रेन पार्ट होने की घटनाएं कपलिंग टूटने या खुलने से होती रहती हैं लेकिन अति महत्वपूर्ण ट्रेन रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में इस तरह की घटना होना गंभीर बात है। यही नहीं इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि इस ट्रेन में लगभग 10 किमी के दायरे में कपलिंग खुलकर अलग होना सोच से परे है। अधिकारी टेक्निकल कमी तो अन्य इसे किसी की खौफनाक हरकत मान रहे हैं।
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हो सकता था बड़ा हादसा
टूंडला ब्यूरो। रेलअधिकारियों की माने तो घटना के दौरान कुछ भी हो सकता था। रेल इंजन के ट्रेन से आगे निकलने पर एवं ट्रेन के गतिशील होने पर ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी। ऐसी स्थिति में इंजन निकलने पर ट्रैक क्रासिंग पर लाइन बदल सकती थी तथा ट्रेन की बोगियां प्लेटफार्म की क्रॉसिंग के बाद किसी अन्य ट्रैक पर भी जा सकती थीं। गनीमत रही कि ट्रैक क्रासिंग पर पहुंचने से पहले ही राजधानी रुक गई और गंभीर हादसा टल गया।

ट्रेनों के मेंटीनेंस पर उठा सवाल
टूंडला ब्यूरो। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने अपने बजट भाषण में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल मेंटीनेंस पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी। बावजूद अति महत्वपूर्ण ट्रेन में इस तरह की घटना बार-बार होने से सवाल उठ खडे़ हुए हैं। घटना से रेलवे के अधिकारियों एवं विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है। प्रत्येक स्टोपेज पर संबंधित विभाग ट्रेनों की जांच करते हैं। कानपुर स्टेशन पर इसकी जांच हुई होगी, फिर भी घटना हो गई। अति महत्वपूर्ण ट्रेन में ऐसी लापरवाही हुई है तो साधारण ट्रेनों का क्या होगा यह सोच की बात है।

टेक्निकल प्राब्लम की वजह से ट्रेन से इंजन अलग हुआ होगा। पूर्व में भी इस तरह घटनाएं हुईं तब टेक्निकली माडीफिकेशन किया गया। फिर भी यदि यह लापरवाही है तो इसकी यांत्रिकी विभाग से जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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  विजय कुमार, सीपीआरओ, उमरे इलाहाबाद
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