फिरोजाबाद। जलकल विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें अब लगातार सामने आने लगी हैं। जलकल में तैनात आउट सोसिंग कर्मचारियों ने सरकारी नलकूप से निकले पाइपों को कबाड़ी को बेच दिया। मामला पकड़ में आने के बाद जलकल विभाग के अधिकारी भौचक्का रह गए। हालांकि मामले को रफा दफा करने के लिए अब सरकारी पाइप बेचने वाले चारों आउट सोसिंग कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। हालांकि इन पाइप को बेचने में मुख्य हाथ किसका है, इस पर बोलने में हर कोई बच रहा है। नगर निगम के जलकल विभाग में सरकारी सामान को चोरी कर खर्द बुर्द करने के खेल की परतें आए दिन खुल रहीं हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे निगम की अमानत में खयानत का लंबा खेल चल रहा है। महादेव नगर में पानी का चैंबर बनाए बगैर हजारों का भुगतान के लिए बिल भेजने करने का मामला, प्राइवेट ठेकेदार के यहां पर मिले लाखों के सामान का मामला अभी ठंडा नहीं हो पाया है। वहीं बुधवार को सरकारी सामान को खुर्द बुर्द कर खुद की जेब गरम करने का एक नया मामला प्रकाश में आया। बुधवार को ही संत नगर फुलवाड़ी स्थित सरकारी नलकूप की मरम्मत को गए चार कर्मचारियों ने नलकूप से निकले हजारों की कीमत के दो पाइप कबाड़ी के यहां बेच दिए। यही नहीं आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने नलकूप में नए पाइप डालने के बहाने दो नए पाइप भी अधिकृत विक्रेता के यहां से उठवा लिए।
खास सूचना पर जब नगर आयुक्त घनश्याम मीणा ने पूरे मामले की पड़ताल कराई तो वे खुद और निगम के अन्य अधिकारी भी दंग रह गए। मामले को रफा-दफा करने के लिए सरकारी पाइप को कबाड़ी यहां बेचने वाले चार आउट सोर्सिंग कर्मचारियों योगेश कुमार यादव, रोहित यादव, कृष्णकांत और मनोज कुमार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
सरकारी नलकूप से निकले पुराने पाइप को बेचने का मामला प्रकाश में आया है। सरकारी पाइप बेचने वाले चार आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के विरुद्ध थाना उत्तर में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
-रामबाबू राजपूत, महाप्रबंधक जलकल