पुलिस गिरफ्त में साइबर ठगी का आरोपी। स्रोत : पुलिस
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फिरोजाबाद। विद्युत निगम के एक संविदा कर्मी को थाना दक्षिण पुलिस ने साइबर ठगी में गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि वह अपने ही बैंक खाते पर लगी रोक को हटवाने के लिए पुलिस को पास पहुंचा था। पुलिस ने शक के आधार पर पूछताछ की तो आरोपी के खिलाफ 8 राज्यों में 5.41 लाख की ठगी के मामले खुलकर सामने आ गए। पुलिस ने उससे 42,600 रुपये और एक आईफोन बरामद कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया है। उसके साथी की तलाश जारी है।
सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को थाना दक्षिण के एसआई सिंहराज सिंह और थाने की साइबर टीम में शामिल कांस्टेबल साइबर शिकायतों की जांच कर रहे थे। तभी मोहन बिहार, दखल, कोटला रोड निवासी गौरव थाने पर पहुंचा और उसने खुद को विद्युत निगम में संविदा कर्मी बताते हुए शिकायत की कि उसके बैंक खाते में 1.15 लाख रुपये की रकम पर रोक लगाई गई है, जिसे वह हटवाना चाहता है। पुलिस ने जब समन्वय पोर्टल पर उसके खाते की जांच की तो दंग कर देने वाले तथ्य सामने आए। उसके खाते पर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और यूपी के मेरठ से कुल 8 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज थीं। आरोपी के खाते के जरिए देशभर में करीब 5.41 लाख का साइबर फ्रॉड किया गया था। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ शुरू की। इसमें आरोपी गौरव ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह विद्युत निगम में बिजली बिल जमा करने का कार्य संविदा पर करता है।
चिश्ती नगर, जाटवपुरी, थाना रामगढ़ निवासी अरमान उसके बैंक खाते में साइबर ठगी का पैसा डलवाता था। वह अपना तय कमीशन काटकर बाकी की रकम कैश निकालकर अरमान को सौंप देता था। पुलिस को झांसा देकर खाते पर लगी रोक को हटवाकर बाकी की रकम को भी खाते से निकलवाना चाहता था। पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से ठगी की रकम में से 42,600 रुपये नकद बरामद किए और आईफोन भी जब्त कर लिया। उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर रविवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से कोर्ट के आदेश पर जेल में दाखिल कराया। इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पुलिस अब मामले के मुख्य आरोपी अरमान की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।