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Firozabad News: दिन-रात में आठ डिग्री तापमान का अंतर, सीने में जकड़न से परेशानी

Mon, 06 Oct 2025 11:32 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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सांकेतिक 
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फिरोजाबाद। जिले में सोमवार को हुई बारिश के बाद तापमान में चार डिग्री कम हो गया है। दिन में तेज धूप व सुबह शाम ठंड का अहसास हो रहा है। मानसून की विदाई लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। सर्दी-जुकाम, तेज बुखार व अस्थमा मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बिना चिकित्सक के सलाह के खुद मेडिकल स्टोर से हाई एंटीबायोटिक के सेवन से सीने में जकड़न के साथ सांस लेने की परेशानी बढ़ जा रही है।
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अस्पताल के अलावा इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक पहुंचा गया है और न्यूनतम तापमान डिग्री सेल्सियस है। इस कारण मरीज बढे़ हैं। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को ओपीडी में 1240 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। सबसे ज्यादा भीड़ फिजिशियन विभाग, चेस्ट रोग विभाग व बालरोग ओपीडी में रही। सर्दी जुकाम व वायरल बुखार के मरीजों को राहत मिलने के बाद सीने में जकड़न व सांस लेने की परेशानी ज्यादा आ रही है। फरिहा की रीमा देवी ने बताया कि तीन दिन बाद बुखार से राहत मिलने के बाद खांसी व सीने में जकड़न से परेशानी बढ़ गई। मेडिकल स्टोर से खांसी का सिरप लेने के बाद आराम मिलने की जगह सांस लेने में परेशानी होने लगी। चिकित्सक से चेक करने के बाद भर्ती होने की सलाह दी। कनेटा के देवीचरन ने बताया कि बताया कि परिवार में चार लोग सर्दी जुकाम से परेशान है। मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खाया। सर्दी बुखार से आराम मिल गया लेकिन अब सीने में जकड़न व सांस फूलने की परेशानी बढ़ गई है। फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि रात दिन के मौसम में आठ डिग्री का अंतर होने व वायरल फीवर के जद में आने पर मेडिकल स्टोर से दवा खरीद कर खाना भारी पड़ रहा है। एंटीबायोटिक का हाई डोज सीने में जकड़न व सूखी खांसी की समस्या आ रही है। मरीज को गर्म पानी का सेवन, चिकित्सक की सलाह पर दवा का सेवन करने की सलाह दी जा रही है। राहत मिलने में कुछ समय लग रहा है। डॉक्टर पंकज झा ने बताया कि मौसम के बदलता के दौरान सावधानी बरत कर स्वस्थ रहा जा सकता है। अधिकतर पीड़ितों में बुखार के साथ बैक्टिरियल संक्रमण भी हो रहा है। आवाज में बदलाव, लंबे समय तक खराश का बना रहना जैसे लक्षण देखने में आ रहे है। तीन दिन में बुखार न छोड़ने पर खून जांच जरूर कराएं।

मौसम के बदलाव से मरीजों की संख्या में बढ़ी है। अस्पताल में दवा व जांच की सुविधा निशुल्क है। मौसम जब भी परिवर्तन होता है, यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।
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- डॉ. नवीन जैन, सीएमएस
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