फिरोजाबाद। टीटीजेड एरिया सुहागनगरी में कार्यदायी संस्थाओं को अब निर्माण संबंधी पूरी कार्ययोजना एवं कार्य स्थल पर प्रदूषण की रोकथाम संबंधी उपायों के लिए डस्ट एप अपलोड करनी होगी। शहरी क्षेत्र की हवा में निर्माण अपशिष्टों के बढ़ोत्तरी के मद्देनजर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा इस आशय के सख्त निर्देश जारी किए हैं।सुहागनगरी की हवा में सड़कों पर उड़ने वाली धूल, कार्बनिक तत्वों के अलावा निर्माण अपशिष्टों की मात्रा बढ़ गई है। धूल, निर्माण अपशिष्ट एवं कार्बनिक तत्वों की मात्रा बढ़ जाने की पुष्टि ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम के आंकड़ों से हो रही है। वहीं हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले हानिकारक तत्वों की रोकथाम को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्ती शुरू कर दी है। सीपीसीबी द्वारा जारी निर्देशों के तहत अब नगर निगम व पीडब्ल्यूडी सहित आधा दर्जन निर्माण कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्ययोजना के अतिरिक्त कार्यस्थल पर धूल व निर्माण अपशिष्टों की रोकथाम से जुड़े उपाय सीपीसीबी के डस्ट एप पोर्टल पर अपलोड कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए जिला स्तर पर भी डीएम रमेश रंजन एवं क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इन संस्थाओं को जारी किए पत्र
डीएम रमेश रंजन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने कार्य स्थलों पर निर्माण अपशिष्टों की रोकथाम को जरूरी उपाय करने के लिए पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, राज्य सेतु निगम, सीएनडीएस, एफएसडीए, उत्तर प्रदेश आवास विकास, यूपी जल निगम को पत्र जारी किए हैं। सभी को सीएनडी वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2016 एवं सीपीसीबी गाइड लाइन का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के साथ ही डस्ट एप पर कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया है।
अन्यथा होगी कार्रवाई, सीज होगा निर्माण कार्य स्थल
सीपीसीबी के निर्देश पर जारी पत्र में सभी कार्यदायी संस्थाओं व ठेकेदारों को निर्माण कार्यस्थल व परियोजना की पूरी जानकारी डस्ट एप देनी होगी। अन्यथा की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध पर्यावरर्णीय क्षति के तहत जुर्माना निर्धारण व अन्य विधिक कार्रवाई होगी।
सीपीसीबी की ओर से ग्रेडेड रिस्पोंस एक्शन प्लान के तहत गाइड लाइन जारी की है। गाइड लाइन के अनुसार निर्माण कार्यस्थल धूल व निर्माण अपशिष्टों की रोकथाम के उपाय व परियोजना का विवरण डस्ट एप पर अनिवार्य रूप से अपलोड कराना है। हमने कई संस्थाओं को इस आशय के पत्र जारी किए हैं।
राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड