फीरोजाबाद। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर मंदिरों और घरों में तैयारियों को अंतिम रुप दिया गया। बाजारों में हर ओर रौनक दिखाई दी। कान्हा के स्वागत में कटरा, चौक, सिविल लाइंस में सजी दुकानों में लोगों की भीड़ उमड़ी। कान्हा के कपड़ों, श्रृंगार, पालना, बंधनवार की एक से बढ़कर एक वैरायटी बाजारों की शोभा बढ़ा रही है।
खूबसूरत और आकर्षक डिजाइनों के फैंसी पालनों पर लोगों की निगाह ठहर रही है। जढ़ाऊ, ब्लैक मेटेल, लकड़ी और स्टील के पालने सभी के आकर्षण का केंद्र बने हैं। इस बार गोल, पान, चौकोर, तिकोने अलग-अलग आकारों के पालने काफी पसंद किए जा रहे हैं। इनकी कीमत 120 रुपये से एक हजार रुपये तक है। इस बार बाजारों में कुंदन से सजे कपड़ों की धूम है। काटन, सैटिन, बेेलवेट और शिफान पर रंग-बिरंगे कुंदनों से सजे कपड़े खूब पसंद किए जा रहे हैं। इसके साथ ही सितारों, लेस, गोटे से सजे कपड़े भी मौजूद हैं। इनकी कीमत 25 रुपये से 500 रुपये तक है।
महायोग में करें योगेश्वर की आराधना
श्री बिहारी जी महाराज मंदिर के मुख्य महंत पंडित मुन्ना लाल शास्त्री ने बताया कि भाद्रपद कृष्णपक्ष अष्टमी को ऐसे तीन योग हैं, जो कई वर्षों बाद बने हैं। अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र में पूरे दिन रहेगी और ऐसा अगला महायोग 8 साल बाद 6/9/2023 में बनेगा। अष्टमी तिथि जो रात 3:10 बजे तक रहेगी, रोहिणी नक्षत्र रात्रि 12:10 बजे तक रहेगा। मध्यरात्रि 12 बजे पूजन का सबसे अच्छा मुहूर्त है। इसमें अष्टमी तिथि एवं रोहिणी नक्षत्र, उच्च वृषभ राशि में चंद्र, सिंह का सूर्य, कन्या क बुध अमृत सिद्धि तथा सर्वार्थ सिद्धि योग में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी को तंत्र की चार महारात्रियों में से एक माना गया है। इस बार यह महारात्रि भी इन्हीं योगों में होने के कारण अति शुभ एवं सिद्धि दायक और विशेष फल की प्राप्ति होगी। चंद्रोदय रात्रि 11.25 पर होगा।