फिरोजाबाद। लंबे समय से प्रतिक्षारत नीरी ने सैक्टोरियल गाइड लाइन पर्यावरण मंत्रालय के जरिए जारी कर दी है। सैक्टोरियल गाइड लाइन के अनुसार फिरोजाबाद में शिफ्टिंग,गैस सप्लाई व नवीन इकाई स्थापना जैसे बिंदुओं को बड़ी राहत की पुख्ता उम्मीद हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के दिशा -निर्देश पर ही नीरी की गाइड के अनुपालन पर अंतिम निर्णय होगा।
बीते 3 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग संस्थान बंगलौर (नीरी) टीटीजेड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां के संचालन संबंधी सैक्टोरियल गाइड का ड्राफ्ट पर्यावरण मंत्रालय के माध्यम से टीटीजेड को सौंप दिया। सैक्टोरियल गाइड लाइन के बारे में जानकारी रखने वाले शहर के उद्यमियों के मुताबिक सैक्टोरियल गाइड लाइन में एक स्थान से दूसरी स्थान पर स्थानान्तरण के इच्छुक इकाईयों को राहत की उम्मीद है। वहीं गैस सप्लाई के लिये औपचारिकता पूर्ण कराने वाली एवं नवीन इकाई स्थापना की इच्छुक इकाईयों को भी बड़ी राहत मिल सकेगी। हालांकि विशेषज्ञों की माने तो सैक्टोरियल गाइड लाइन में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन गैस सप्लाई पर रोक संबंधी अंतिम निर्णय जारी हाेने तक टीटीजेड एरिया में नीरी की रिपोर्ट को लागू नहीं किये जाने में अड़चनें हैं।
नीरी रिपोर्ट से इन इकाइयों को जगीं राहत की उम्मीदें-
- दूसरी जगह शिफ्टिंग की इच्छुक इकाईयां17
- गैस सप्लाई को औपचारिकता पूरी करने वाली इकाईयां 43
- नवीन इकाई स्थापना की इच्छुक उद्यमी10
औद्योगिक गतिविधियों के संबंध में नीरी द्वारा तैयार सैक्टोरियल गाइड लाइन का ड्राफ्ट सकारात्मक है। लेकिन टीटीजेड क्षेत्र में सैक्टोरियल गाइड लागू कराना सुप्रीम कोर्ट के रूख पर निर्भर है। - राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड