मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में पटलवार निरीक्षण किया। नाजिर पर उपलब्ध धनराशि खर्च नहीं होने पर नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं के द्वारा रंग रोगन को एकत्रित दो लाख धनराशि कहां गई इसकी जांच डीएम को करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने परमानेंट अमीन के बजाय सीजनल अमीनंों के अच्छा काम करने की सराहना की।
मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर सीधे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां से वह कलक्ट्रेट पहुंचे। आरआरके के कक्ष का निरीक्षण करने के बाद राजस्व अभिलेखागार पहुंचे। उन्होंने पुराने अभिलेखों की मानचित्र को देने में तीन से सात दिन का प्रावधान होने पर सुधार की हिदायत दी। सदर तहसील के अभिलेखागार देखा। एलबीसी कक्ष के निरीक्षण के दौरान डीएम को साफ-सफाई के निर्देश दिए। डीएलआरसी के साथ अमीनवार वसूली की जानकारी प्राप्त की।
परमानेंट के बजाय सीजनल अमीनों द्वारा अधिक वसूली करने की सराहना की। नजूल व खनन के मामलों को देखा। मंडलायुक्त ने आयुध लिपिक को निर्देश दिए सॉफ्टवेयर में फीडिंग कराएं। तीनवर्ष बाद रिन्यूअल पर इसका समय बढ़ाने पर जोर दिया। नाजिर कक्ष के निरीक्षण के दौरान हाईस्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा 2011 की धनराशि 18 हजार रुपया खर्च नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। डीएम को पड़ताल करने के निर्देश दिए।
डीएम के न्यायालय कक्ष के निरीक्षण पर रेवेन्यू बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रामअवतार कठेरिया, प्रदीप रायजादा की ओर से चेंबरों का रंग रोगन नहीं कराने, मानचित्र को बनाने को स्टाफ नहीं होने और रंगरोगन को अधिवक्ताओ की ओर से एकत्रित दो लाख रुपया आखिर कहां गया यह समस्या रखी। आयुक्त ने इसकी जांच के निर्देश डीएम को दिए। लोकवाणी कक्ष के निरीक्षण के दौरान फोन पर आने वाली शिकायतों को खुद ही रिसीब किया। अपर आयुक्त पीके अग्रवाल, एडीएम कर्मेंद्र सिंह, नगर मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र, एसडीएम सदर विजय सिंह, अमित सिंह, रवींद्र सिंह,टूंडला श्रीराम यादव मौजूद था।
हैलो मैं पांच कालीदास मार्ग से बोल रहा हूं...
मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर अपने मोबाइल फोन पर यह शब्द सुनकर पहले चौंके। मोबाइल फोन काट दिया। परंतु थोड़ी देर बाद दोबारा फोन आया। तीसरी बार मोबाइल फोन बजा तो उन्होंने फोन को रिसीव किया। मोबाइल पर सवाल था कि मैं मुख्यमंत्री का माली मुकेश बोल रहा हूं। आयुक्त साहब मुझे मैनपुरी की एक शिकायत करनी है। गांव दोलगंज थाना बिछवां निवासी एक व्यक्ति देशी शराब की बिक्री करता है। मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर ने उसे तो तुरंत ही दिखवाने का आश्वासन दिया।
ठिठुरने को मजबूर हुए फरियादी
मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर के निरीक्षण के चलते दूरदराज से फरियाद लेकर आने वाले फरियादियों को पुलिस ने बाहर रोक रखा था। उन्हें यही आश्वासन दिया कि आयुक्त के जाने के बाद ही फरियाद सुनी जाएगी। इसके कारण कलक्ट्रेट के बाहर कई लोग सर्दी से ठिठुरते रहे। उर्दूनगर निवासी जलालुद्दीन को कारखाने में एक माह तक काम करने के बाद मानदेय नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे। टूटी पुलिया आसफाबाद निवासी बबिता दहेज की शिकायत लेकर पहुंचीं। टोल प्लाजा पर सिक्योरिटी का काम करने वाली करीब दो दर्जन से अधिक युवक व रिटायर्ड फौजी दो माह का मानदेय नहीं मिलने की फरियाद लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे।
ग्रामीणों से की आयुक्त ने बात
मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर ने कलक्ट्रेट प्रांगण में हाथ में फरियाद लेकर खड़े टूंडला के ऐरई निवासी सुखदेव एवं कुंवरपाल से सीधे बात की। उन्होंने राशनकार्ड निरस्त कर देने की बात कहने पर डीएम विजय किरन आनंद को निस्तारण कराने के आदेश दिए।