सदर तहसील का निरीक्षण करते डीएम रमेश रंजन,साथ में एडीएम न्यायिक संगीता गौतम व एसडीएम सदर सतेंद्
- फोटो : सदर तहसील का निरीक्षण करते डीएम रमेश रंजन,साथ में एडीएम न्यायिक संगीता गौतम व एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह।
फिरोजाबाद। डीएम रमेश रंजन ने शुक्रवार को एडीएम न्यायिक संगीता गौतम के साथ तहसील सदर का औचक निरीक्षण किया तो अव्यवस्थाओं का आलम दिखाई दिया। एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह, तहसीलदार रवीश कुमार से स्पष्टीकरण मांगने के साथ रजिस्ट्रार कानूनगो सहित पांच कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने पर वेतन काटने एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए।
डीएम रमेश रंजन शुक्रवार को एडीएम न्यायिक संगीता गौतम के साथ सदर तहसील पहुंचे तो उन्होंने सर्व प्रथम तहसील की उपस्थिति पंजिका को देखा। उपस्थिति पंजिका को देखने पर पता चला कि न्याय लिपिक अजय कुमार, नकल नवीस अंजुल सिंह, रजिस्ट्रार कानूनगो राजेंद्र सिंह, रामवीर सिंह एडब्ल्यूबीएन कृति कुलश्रेष्ठ आदि अनुपस्थित मिले। डीएम ने सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ वेतन काटने के आदेश दिए।
सदर तहसील में बाथरूम काफी गंदी मिले,कुछ बाथरूम में दरवाजा तक नहीं था। जिलाधिकारी इस पर काफी नाराज दिखाई दिए। डीएम ने एसडीएम सदर सतेंद्र कुमार को धारा 24 के अन्तर्गत आने वाले मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए। डीएम ने निरीक्षण के दौरान न्यायालय से परवाना संबंधित जो आदेश जारी किए जाते हैं,उनका भी पालन यहां नहीं हो रहा है। तहसील परिसर में भी जगह-जगह गंदगी दिखाई दी। तहसील परिसर में मिली अव्यवस्था पर जिलाधिकारी ने एसडीएम एवं तहसीलदार को स्पष्टीकरण जारी करने के आदेश दिए। डीएम ने खतौनी में संशोधन कराने आए किसानों से भी वार्ता कि जिस पर किसानों ने बताया कि खतौनी का कार्य यहां सुचारू रूप से चल रहा है। इस दौरान एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह,तहसीलदार रवीश कुमार मौजूद थे।
डीएम के आने की भनक लगते ही निजी कर्मचारी भागे
डीएम रमेश रंजन एवं एडीएम न्यायिक संगीता गौतम के निरीक्षण करने की जानकारी होते ही सदर तहसील में लेखपाल एवं कानूनगो के कार्यालय कक्षों एवं सब रजिस्टार कार्यालय में प्राइवेट रूप से काम करने वाले कर्मचारी या तो मौके से गायब हो गए या फिर उन्होंने कक्षों में ताला लगा दिया। ताकि यदि जिलाधिकारी का रुख इस ओर निरीक्षण का हो तो वह पकड़े नहीं जाएं। प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी सदर तहसील में लेखपालों एवं सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में प्राइवेट कर्मचारियों के बैठना बंद नहीं हो सका है।