फिरोजाबाद। डीएम उज्जवल कुमार ने शुक्रवार को परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण किया। डीएम कई स्कूलों में शिक्षकों की भूमिका में भी नजर आए। बच्चों को विज्ञान पढ़ाया तो सवाल भी पूछे गए। हालांकि कई स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई। डीएम ने शिक्षकों के वेतन रोकने के आदेश दिए।डीएम सबसे पहले दोपहर 12.50 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय मक्खनपुर निरीक्षण किया। इस दौरान पंजीकृत 127 बच्चों के सापेक्ष 51 बच्चे उपस्थित मिले। डीएम ने कक्षा सात की छात्रा दिलाशा, अरमान से श्वसन तंत्र के बारे में पूछा। जिसका उत्तर नहीं दे सके। कक्षा आठ की छात्रा करिश्मा से ऊर्जा के स्रोत के बारे में प्रश्न पूछा गया, जिसका छात्रा द्वारा आधा-अधूरा जवाब दिया। नामांकन के सापेक्ष उपस्थिति कम होने, लर्निंग आउटकम कक्षा अनुरूप न होने व विद्यालय परिसर में समुचित साफ-सफाई न पाये जाने के कारण समस्त स्टाफ के वेतन रोकने के आदेश दिए।
उच्च प्राथमिक विद्यालय जिजौली में दोपहर 1ः15 बजे निरीक्षण किया। अनुदेशक संजय सिंह बिना सूचना के अनुपस्थित पाये गये। विद्यालय में पंजीकृत 391 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 210 की उपस्थिति मिली। प्रत्येक कक्षा में छात्रों से प्रश्न पूछे गये, जिसका संतोषजनक उत्तर न मिलने पर विद्यालय स्टाफ से नाराजगी व्यक्त की। समस्त स्टाफ को एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। दोपहर 1.30 बजे प्राथमिक विद्यालय खरसुली का निरीक्षण किया। बच्चों से पुस्तक पढ़वाई गई तथा प्रश्न पूछे गये, जिनका बच्चे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। शैक्षणिक गुणवत्ता असंतोषजनक पाए जाने पर विद्यालय में कार्यरत समस्त स्टाफ का वेतन रोकने के आदेश दिये। उच्च प्राथमिक विद्यालय खरसुली में डीएम को 102 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 44 उपस्थित मिले। यहां भी शैक्षणिक गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। सभी स्टाफ का वेतन रोकने के आदेश दिए।
प्राथमिक विद्यालय नगला डरूआ में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम मिली। शैक्षणिक गुणवत्ता यहां भी ठीक नहीं मिली। डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए वेतन रोकने निर्देश दिए। इस दौरान बीएसए आशीष पांडेय भी मौजूद रहे।