दीपावली के बाद प्रदूषण के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। एनजीटी के निर्देश पर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टीटीजेड अथॉरिटी के प्रतिनिधियों ने दो दिन तक कांच इकाईयों सहित सीडीजीआई का निरीक्षण किया। कांच उत्पादन की तकनीक और प्रदूषण की रोकथाम का डाटा जुटाकर टीम लौट गई।
सुहागनगरी के कांच उद्योग पर प्रदूषण को लेकर लगातार उंगलियां उठ रही हैं। बाहरी समूहों द्वारा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, एनजीटी में लगातार शिकायतें की जा रही हैं। प्रदूषण के मामले शिकायतों पर एनजीटी ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदूषण के वास्तविक कारणों की जांच के लिए एनजीटी ने संयुक्त टीम का गठन किया है।
संयुक्त टीम में शामिल पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के वैज्ञानिक डा. केके गर्ग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसपी शुक्ला, टीटीजेड अथॉरिटी के प्रतिनिधि संजय बांगड़िया की टीम ने दो दिन में करीब एक दर्जन ग्लास, चूड़ी इकाईयों, पकाई भट्ठियों का निरीक्षण किया। इसमें टीम ने कांच उत्पादन की तकनीक, कारखानों में प्रदूषण की रोकथाम को उपाय, सीडीजीआई द्वारा कांच उद्योग को उपलब्ध कराई जा रही तकनीक और कांच उद्योग में प्रयोग हो रहे केमिकल से संबंधित डाटा जुटाया। संयुक्त टीम की दस्तक से कांच उद्यमियों के होश उड़े हुए थे।
सूत्रों का कहना है कि एनजीटी के निर्देश पर आई संयुक्त टीम डाटा जुटाकर फिलहाल लौट गई है। दीपावली के बाद टीम प्रदूषण के कारणों की विस्तृत जांच करेगी। टीम ने कांच इकाईयों से आंकड़े जुटाए हैं, उससे माना जा रहा है कि टीम में शामिल विशेषज्ञ कांच उत्पादन की प्रक्रिया, उसमें प्रयुक्त हो रहे केमिकल से होने वाले प्रदूषण का आंकलन करेंगे। दीपावली के बाद टीम नए सिरे से जांच करने लौटेगी। हवा में प्रदूषण की जांच को टीम द्वारा आधुनिक यंत्र लगाए जाएंगे। उन यंत्रों से 24 घंटे हवा में घुलने वाले प्रदूषण की मॉनीटरिंग की जाएगी।
नीरी की रिपोर्ट का भी रहेगा इंतजार
एनजीटी के निर्देश पर एक ओर संयुक्त टीम ने प्रदूषण को लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं जिला प्रशासन, उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ-साथ उद्यमियों को नीरी की रिपोर्ट का भी बेसब्री से इंतजार हैं। सूत्रों की मानें तो नीरी की जांच करीब 75 प्रतिशत पूर्ण है। नीरी द्वारा स्थापित यंत्रों से जुटाए आंकड़ों पर नागपुर की लैब में जांच हो रही है। उम्मीद है कि जल्द नीरी की अपनी रिपोर्ट देगी। इससे प्रदूषण को लेकर आए दिन होने वाली शिकायतों पर विराम लगेगा।