सुरेश की मौत की खबर के बाद कसबा फरिहा के गांव कमालपुर में दीपावली का जश्न मातम में बदल गया। हर कोई पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचा। सुरेश की पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। गुरुवार जब शव गांव पहुंचा तो चूल्हे तक नहीं जले।
गौरतलब है कि बुधवार दोपहर फरिहा के गांव कमालपुर निवासी सुरेश दीपावली पर गांव आने के लिए छलेसर से प्राइवेट वाहन में बैठा था। वाहन की छत पर पटाखे रखे थे। एत्मादपुर के समीप पटाखों में हुए विस्फोट में सुरेश के साथ दो अन्य लोगों की जान चली गई थी। हादसे की खबर सुरेश के गांव कमालपुर पहुंची तो कोहराम मच गया। पल भर में दीपावली का जश्न मातम में बदल गया। जो जिस हाल में था वह पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच गया। उधर परिजन ग्रामीणों के साथ आगरा के लिए देर शाम रवाना हो गए थे। गुरुवार दोपहर जैसे ही सुरेश का शव गांव पहुंचा तो महिलाओं की चीख पुकार सुनकर हर कोई द्रवित हो उठा। देर शाम सुरेश के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुरेश नोएडा के प्रकाश नगर मयूर बिहार में चूड़ी की ठेल लगाकर परिवार का भरण पोषण करता था। जबकि उसकी पत्नी अपनी बेटी अंजली (19), अन्नू (17) पुत्र शिवा (11) और छोटू (9) के साथ गांव कमालपुर में निवास करती है।
परिवार के भरण पोषण की चिंता
परिवार में सुरेश अकेला कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने रोजी रोटी की चिंता खड़ी हो गई है। उसे बेटी का विवाह भी करना था। हादसे के बाद परिवार के लोगों का बुरा हाल है।
गांव के तीन हादसे में घायल
फरिहा(ब्यूरो)। आगरा से सुरेश के शव को देखकर लौट रहे महीपाल पुत्र राजेंद्र, राजवीर पुत्र रतन सिंह और गौरव पुत्र रामसेवक नारखी के गौंछ के बाग के समीप सड़क हादसे में घायल हो गए। घायलों को परिजन उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए थे।