प्रिया सॉफ्ट की फीडिंग में जिला फिसड्डी साबित हुआ। प्रदेश में 67 वें स्थान पर होने के मामले को प्रभारी डीपीआरओ ने गंभीरता से लिया है। सचिवों को तलब करके एक सप्ताह में सुधार नहीं होने पर वेतन वृद्धि रोकने एवं निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी दी।
वर्ष 2014-15 में ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों को 13 वें वित्त एवं राज्य वित्त लाखों रुपया गांवों के विकास को आवंटित किया गया। कितनी धनराशि किसमें खर्च की गई इसकी ऑनलाइन प्रियासॉफ्ट में फीडिंग कराई जाती है इससे यह जानकारी शासन को मिल सके कि धनराशि का कहां-कहां प्रयोग हुआ। वितीय वर्ष 2015-16 का डेढ़ माह ही बीतने के करीब आ गया लेकिन प्रिया सॉफ्ट में फीडिंग का काम ही शुरू नहीं हुआ। गत दिवस प्रभारी डीपीआरओ रवींद्र कुमार मांदड ने प्रिया सॉफ्ट की फीडिंग की समीक्षा की। जिला कोआर्डिनेटर गौरव यादव ने जिले की स्थिति बताई तो इस पर काफी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने पंचायतों के सचिवों एवं बीडीओ को तलब करके यह निर्देश दिए कि वह प्रियासाफ्ट में फीडिंग को एक सप्ताह के अंदर सुधार लें। यदि सुधार नहीं किया तो फिर ऐसे सचिवों की वेतन वृद्धि रोकने एवं निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। सीधे ही सचिव एवं ब्लाक स्तर पर बीडीओ जिम्मेदार होंगे। फीडिंग के मामले में जिले को प्रदेश में 67 वां स्थान मिला है।