शिया एवं सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को एप पर अपलोड का प्रशिक्षण देते आलम मुस्तफा याकूबी। स
फिरोजाबाद। केंद्र सरकार ने शिया और सुन्नी वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए 5 दिसंबर 2025 की अंतिम तिथि तय की गई है। इस तिथि के बाद भी संपत्तियों का विवरण अपलोड न करने वाले मुतवल्लियों (प्रबंधकों) पर जुर्माना लगाने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और उनके डिजिटलीकरण के तहत सोमवार को मुतवल्लियों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड, लखनऊ से आए मास्टर ट्रेनर एवं इंस्पेक्टर अशर सिद्दीक़ और सरफराज अहमद ने मुतवल्लियों को ''''उम्मीद'''' पोर्टल पर संपत्ति का विवरण अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए मुतवल्लियों को अपनी वक्फ संपत्तियों से जुड़े ज़रूरी दस्तावेज जैसे खसरा-खतौनी के साथ ही आधार कार्ड की आवश्यकता होगी।
कार्यक्रम की संयोजक और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी निधि सिंह ने बताया कि जिले में कुल 75 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें कब्रिस्तान, मस्जिदें, दरगाह, इमामबाड़े, खानकाहे और मदरसे शामिल हैं। इस प्रशिक्षण में लगभग 150 मस्जिदों के मुतवल्ली मौजूद थे। उन्हें उम्मीद पोर्टल पर एंट्री के लिए एक फॉर्म और चेकलिस्ट भी प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आफताब अहमद ने किया। इस दौरान सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के कोआर्डिनेटर मौलाना आलम मुस्तफा याकूबी, सूफी जमील नासिर, असलम परवेज, और सैय्यज अजहार हुसैन रजवी आदि भी उपस्थित रहे।