लोकसभा चुनाव के दौरान धनगर समाज को तहसील प्रशासन की ओर से जारी किए एससी प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की तैयारी कर ली है। एसडीएम टूंडला को शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई है। प्रमाणपत्रों को जांच के बाद निरस्त किया जाएगा।
धनगर समाज ने अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र बनवाने को वर्षों से आंदोलन किया था। लोकसभा चुनाव के दौरान सपा के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सांसद प्रो.रामगोपाल यादव ने धनगर समाज के लोगों को अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र दिलाने का आश्वासन भी दिया। तत्कालीन एसडीएम अतुल कुमार व टूंडला तहसीलदार राकेश कुमार ने धनगर समाज के लोगों के आनन-फानन में एससी के प्रमाणपत्र बनाए थे। चुनाव के बाद तहसील प्रशासन ने प्रमाणपत्र जारी करने से कदम पीछे खींचे और परिवार रजिस्टर में अंकित जाति के आधार पर धनगर समाज के लोगों को प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने पूर्व में जारी 400 प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कराई है। तहसीलदार टूंडला रामअवतार सिंह ने कहा धनगर समाज के गलत ढंग से एससी के प्रमाणपत्र जारी करने की शिकायत मिली थी। उसी आधार पर नोटिस भेजे हैं। कोटकी में 25 प्रमाण पत्र जारी हुए हैं। गलत प्रमाणपत्र सभी निरस्त होंगे।
लेखपालों की भूमिका भी संदिग्ध
धनगर समाज के एससी जाति प्रमाणपत्र बनाने में क्षेत्रीय लेखपालों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। लेखपाल एवं कानूनगो की रिपोर्ट के आधार पर प्रमाणपत्र जारी हुए हैं।
धनगर समाज के एससी प्रमाणपत्र गलत ढंग से बनाने की शिकायत मिली थी। उसी आधार पर जांच कराई जा रही है। गलत प्रमाणपत्र तो निरस्त होंगे। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
श्रीराम यादव, एसडीएम टूंडला।
धनगर समाज ने दी ईसाई धर्म अपनाने की धमकी
प्रांतीय धनगर महासभा के अध्यक्ष जेपी धनगर ने कहा कि तहसील प्रशासन ने धनगर समाज के लोगों के प्रमाण पत्र निरस्त किए तो तहसील में आंदोलन भूख हड़ताल किया जाएगा। फिर भी प्रशासन नहीं माना तो हिंदू धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म अपनाएंगे।