फिरोजाबाद। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 की जिले की कार्य योजना सौ करोड़ से अधिक की होगी। इसे ग्राम पंचायत स्तर पर बनाने का काम शुरू कर दिया है। चार जनवरी तक कार्य योजना फाइनल कर शासन को भेजी जाएगी। इस बार ग्रामीण अंचल में काम के बजाय जिले में नर्सरी, गोदाम आदि बनाने पर जोर दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2022-23 की जिला योजना के साथ-साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश शासन ने जारी कर दिए हैं। अभी तक 40 से 50 करोड़ रुपये तक के काम मनरेगा योजना के तहत कराए जाते थे। विभागीय सूत्रों के अनुसार मनरेगा योजना में ग्रामीण अंचल में नाली खड़ंजा बनवाने के बजाय इस बार ग्रामीण अंचल में सामग्री रखने के लिए गोदाम बनाने के साथ नर्सरी की स्थापना के काम कराए जाएंगे। काम धरातल पर दिखाई दे इसलिए प्रस्ताव जिले की सभी 564 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, नौ ब्लॉकों के क्षेत्र पंचायत प्रमुख के साथ-साथ जिला पंचायत के प्रस्तावों को शामिल किया जाएगा। फिलहाल सीडीओ चर्चित गौड़, डीसी मनरेगा अजय कुमार के साथ ही ब्लॉक की टीम इन प्रस्तावों को तैयार करने में जुटी है।
काफी बदलाव किया
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 100 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इस बार गोदाम बनाने के साथ नर्सरी स्थापना पर जोर दिया जाएगा। पिछले वर्ष के सापेक्ष काफी बदलाव किया जा रहा है। -अजय कुमार, जिला कोआर्डिनेटर मनरेगा फिरोजाबाद