जसराना सीएचसी पर जांच करते सीएमएस।
सीएचसी पर अधेड़ की मौत का मामला गरमाने पर सीएमओ ने एसीएमओ को जांच के बाद रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जांच में एसीएमओ को डाक्टर की लापरवाही मिली है। उन्होंने ड्यूटी के बावजूद भी डाक्टर के गायब रहने की बात कही है। साथ ही रिपोर्ट सीएमओ को देने को कहा है। वहीं एसीएमओ के सामने ही स्टाफ ने एक व्यक्ति को रेबीज का इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया। बाद में एसीएमओ के कहने उसे इंजेक्शन लगाया गया।
जसराना सीएचसी पर अधेड़ की मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। वहीं भाजपा नेताओं के साथ जसराना विधायक रामगोपाल लोधी के सक्रिय होने से मामला हाईटेक हो गया। सीएमओ एसके दीक्षित ने एसीएमओ डा. एसके श्रीवास्तव को जांच सौंप कर शीघ्र रिपोर्ट देने निर्देश दिए हैं। इसके बाद जांच के लिए पहुंचे एसीएमओ ने कर्मचारियों के बयान लेने के साथ डाक्टरों के भी बयान लिए। जांच में सामने आया कि रविवार रात से सोमवार की सुबह तक डा. वरुण चौधरी की ड्यूटी थी लेकिन जिस समय मरीज आया डाक्टर ड्यूटी पर नहीं थे। स्टाफ ने बताया कि डाक्टर पूरी रात गायब रहे। एसीएमओ ने लिखित में सबसे बयान लेने के बाद सीएमओ को जांच रिपोर्ट सौंपने की बात कही। वहीं देरी से आने वाले कई कर्मचारियों ने एसीएमओ के आने से पहले ही रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर दिए। तीन लोग अनुपस्थिति मिले। डा. एके श्रीवास्तव ने कहा कि जांच के दौरान डा. वरुण चौधरी की लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट सीएमओ को दी जा रही है।
समय से पहुंचे डाक्टर
जसराना। अधेड़ की मौत के बाद मचे बवाल के बाद सीएचसी बदला दिखाई दिया। मंगलवार को सीएचसी पर डाक्टर अपने चेंबर में थे। फार्मासिस्ट के साथ पर्ची वितरण कक्ष में कर्मचारी मौजूद थे। वहीं इमरर्जेंसी वार्ड में भी स्टाफ मुस्तैद था। वहीं सुबह करीब 9.30 बजे डेंटल, के साथ फिजियोथैरेपी रूम बंद था। भाजपा नेता डा. संजीव यादव ने कहा कि डाक्टरों के साथ पूरा स्टाफ अपनी मनमानी पर उतारु है। सीएम के आदेश के बाद भी कोई असर नहीं हो रहा है। पूर्व नगर अध्यक्ष त्रिलोकीनाथ शर्मा भी अधीक्षक से मिलने पहुंचे। वहीं अधीक्षक डा. कुलदीप तौमर ने कहा कि अनुपस्थिति कर्मचारियों की डिटेल सीएमओ को दी जा रही है। आदेश मिमलते ही कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के निरीक्षण में कर्मचारी गायब मिले
शिकोहाबाद (ब्यूरो)। धनपुरा सीएचसी का मंगलवार को डीएम नेहा शर्मा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सक और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। स्टाक में दवाएं न मिलने, गंदगी और अव्यवस्था मिलने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों को श्रमदान कर साफ सफाई के कड़े निर्देश दिए।