उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष क्रांति सिंह के नेतृत्व में जिले के सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को मुख्यालय पर हुंकार भरी। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कई मुद्दों पर मंथन किया गया। वहीं स्पष्ट कहा गया कि अन्याय और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रैली निकालकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
प्रांतीय अध्यक्ष क्रांति सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्पीड़न करने में लगी है। सफाई कर्मचारियों की 50 प्रतिशत तक पदोन्नति करके उन्हें ग्राम पंचायत अधिकारी बनाया जाए। ग्राम प्रधान के अंडर में रखने, पैरोल व्यवस्था को खत्म करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। प्रांतीय महामंत्री रामेंद्र सिंह ने कहा कि दस फरवरी से 11 अप्रैल तक लगातार प्रदेश के सभी जिलों में रैलियां होंगी। 21 फरवरी को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा परीक्षा कराई जा रही है। उसी दिन विवश होकर ही विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसमें एक लाख सफाई कर्मचारी शामिल होंगे। प्रांतीय कोषाध्यक्ष बसंत लाल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सफाई कर्मचारी नेताओं ने डीपीआरओ कार्यालय में किए जा रहे उत्पीड़न, बिना वजह परेशान करके निलंबित किए जाने का मामला गूंजा। संघ जिलाध्यक्ष मुलायम सिंह ने जिले भर से बड़ी संख्या में कर्मचारियों के आने पर खुशी जाहिर की। अध्यक्षता कर रहे प्रेम प्रकाश ने कहा कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा। जिला मंत्री विमल कुमार वाल्मीकि ने कहा कि प्रधान की शिकायत पर सफाई कर्मियों का वेतन रोकना, निलंबित करना और बिना शिकायत के स्थानांतरण करना गलत है। प्रदर्शन के बाद ब्लाकवार रैली निकालते हुए डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान यशपाल सिंह, रंजीत सिंह , छोटे लाल वाल्मीकि, संदीप वाल्मीकि, हीरालाल, विनोद कुमार, मधुताव सिंह, जितेंद्र यादव, संजय कुमार, भूपेंद्र सविता, बबलू वाल्मीकि, अनिल वाल्मीकि, रागिनी देवी, संजय कुमार, कोमल सिंह, मुन्नेश कुमार, ऊषा देवी, अख्तर अली, फिरोज खान, नाहर सिंह आदि मौजूद रहे।