खुले में शौच मुक्त गांव करने की कवायद में सुहागनगरी ने मिसाल पेश की है। स्वच्छता की लड़ाई में फीरोजाबाद ने आदर्श प्रस्तुत करते हुए जिले की 31 ग्राम सभाएं पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त हो चुकी हैं। डीएम ने इसमें अग्रणी भूमिका निभाने वाले प्रधानों को मंगलवार को सम्मानित किया और निगरानी समिति के प्रयासों की सराहना की।
शहर के पालीवाल हॉल में डीएम निधि केसरवानी ने 31 गांवों के प्रधानों और निगरानी टीम को पुरस्कार व शील्ड प्रदान किए। उन्होंने कहा कि जिले के 31 गांवों के बाशिंदों ने आज पहली लड़ाई जीत ली है लेकिन जो गांव खुले में शौच मुक्त हुए हैं, वहां दोबारा यह कार्य नहीं होना चाहिए। प्रदेश में फीरोजाबाद ही ऐसा जिला है जहां एक साथ 31 गांव खुले में शौच से मुक्त हुए हैं। ग्रामीण एवं निगरानी टीम की पहल से ही यह संभव हो सका। उन्होंने इसमें लगे अफसरों के साथ टीमों को बधाई दी। सीडीओ सुजीत कुमार ने कहा कि 31 गांवों के खुले में शौच मुक्त होने के बाद हमें अन्य ग्रामीणों को जागरूक करना होगा। खुले में शौच करने वालों को शर्मसार किया जाएगा, तभी वे ऐसा करने से बाज आएंगे। उन्होंने महिलाओं, स्कूल के बच्चों की सहभागिता को सराहा। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने कहा कि प्रधान एवं निगरानी टीमों की सहायता से ही यह सफलता मिल सकी है। उन्होंने कहा कि सभी बीडीओ, ग्राम पंचायत के सचिवों, डीपीसी के मिले भरपूर सहयोग से गांव खुले में शौचमुक्त हो सके। बीडीओ धर्मजीत सिंह, एका बीडीओ एके जौहरी, जसराना पीएन यादव, टूंडला की बीडीओ प्रतिमा निमेष, हाथवंत के बीडीओ राजेश कुमार, डीपीसी पुनीत निगम, राजीव नयन गुप्ता, गौरव यादव, इंसाफ अली, नरेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
जिले के यह गांव हुए खुले में शौचमुक्त
नारखी ब्लाक के गढ़ी पुरानी, हुसैनपुर, त्रिलोक पुर, टूंडला के कुतुकपुर जारखी, प्रतापपुर, नगला बलिया, हाथवंत के बिजौली, घुनपई, सैंदलपुर, ओढ़मपुर, पृथ्वीपुर, हुसैनपुर जगे, नया बांस, अरांव सूरजपुर रुधैनी, कुढ़ीना, धरमई, माही कैरावली, दरिगापुर भारौल, एका में फरीदा, जसराना में सलेमपुर जसराना, जमालीपुर, फीरोजाबाद में वासुदेवपुर, मोढ़ा, वाजिदपुर कुतुकपुर, नगला मुल्ला, ऊंधनी, रूपसपुर, जमालपुर, मड़वा, शिकोहाबाद के लभौआ और सलेमपुर बरियारमऊ शामिल हैं।