फिरोजाबाद। सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने की होड़ में फिरोजाबाद के जसराना (नगला रामा) निवासी राजकुमार बघेल की 12 वर्षीय मृत बेटी अंशु का फोटो, करीब 700 किलोमीटर दूर राजस्थान के श्रीगंगानगर की गैंगरेप पीड़िता का बताकर वायरल कर दिया गया। हद तो तब हो गई जब इस गलत फोटो को बैनर-पोस्टरों पर छपवाकर वहां प्रदर्शन और शोक सभाएं भी होने लगीं।
दरअसल, अंशु की मौत 24 मई को छत से गिरकर हुई थी और दुखी पिता ने उसकी तस्वीर अपनी व्हाट्सएप डीपी पर लगाई थी, जहां से इसे चुराया गया। करीब छह दिन पहले श्रीगंगानगर में एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ गैंगरेप की जघन्य वारदात हुई थी, जिसके विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी शरारती तत्व ने अंशु की तस्वीर को पीड़िता का बताकर फैला दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब अंशु की बड़ी बहन अर्पिता की नजर श्रीगंगानगर आंदोलन के समाचारों और पोस्टरों पर पड़ी, जिसमें उसकी मृत बहन की तस्वीर थी। उसने तुरंत इसकी जानकारी दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे अपने भाई प्रियांशु और पिता को दी।
इस लापरवाही में फिल्म अभिनेत्री मीरा चोपड़ा सहित कई मिलियन यूजर्स अनजाने में शामिल हो गए और एक कोरियाई यूजर के पोस्ट पर तो 30 लाख से ज्यादा लाइक्स आ गए। विचलित परिजनों ने वीडियो जारी कर गुहार लगाई है कि उनकी बेटी को इस कांड से मत जोड़ो और लाइक-कमेंट का यह गंदा खेल बंद करो। परिजनों के पुरजोर विरोध के बाद श्रीगंगानगर पुलिस ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर इसे पूरी तरह फर्जी बताया है और साफ किया कि श्रीगंगानगर की पीड़िता सुरक्षित, जीवित है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।