फिरोजाबाद। आलू की अगेती फसल की बुवाई के कारण डीएपी की किल्लत हो गई है। क्यों कि आलू किसानों ने अभी से डीएपी का इंतजाम करना प्रारंभ कर दिया है। हालांकि जिले में शीघ्र ही डीएपी की रैक लगने के साथ सभी समितियों पर खाद उपलब्ध हो जाएगी।
जिले की साधन सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं होने के कारण मिर्च किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर से नारखी ब्लाॅक में मिर्च की फसल की रोपाई का काम वर्तमान में चल रहा है। इसके साथ आलू की अगेती फसल बुवाई करने वाले किसानों ने अभी से डीएपी का इंतजाम करना प्रारंभ कर दिया है। इस कारण बाजार में डीएपी की डिमांड काफी तेजी से बढ़ी है। जिले में डीएपी की किल्लत को डीएम रमेश रंजन ने गंभीरता से लिया है।
कृषि एवं सहकारिता विभाग के अफसरों को डीएपी को मंगाने के साथ अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार चौहान ने बताया आलू की अगेती फसल की बुवाई करने वाले किसानों के प्रयोग करने के कारण डीएपी की थोड़ी कमी आई है। आगरा से दो दिन बाद जिले को तीन सौ मीट्रिक टन डीएपी मिलेगी। इसके साथ एक रैक शीघ्र ही जिले में चार दिन के भीतर इफ्को की आ जाएगी। यह डीएपी सभी समितियों को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में डीएपी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।