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UP: रिश्तेदार तो कभी पिता और दोस्त बनकर खाते कर रहे खाली, पुलिस की सतर्कता पर भी सेंध; ऐसे करें बचाव

Wed, 07 Feb 2024 06:44 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

फिरोजाबाद में रिश्तेदार तो कभी पिता और दोस्त बनकर साइबर अपराधी लोगों के खाते कर रहे हैं। पुलिस की सतर्कता पर भी सेंध लगा रहे हैं। आगे पढ़ें और जानें एक्सपर्ट क्या कहते हैं? 
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Cyber Crime - फोटो : iStock
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में साइबर अपराधी आपका परिचित बनकर आपके खातों में सेंध लगा रहे हैं। ठग कॉल करके मामा-फूफा तो कभी पिता का दोस्त बताकर आर्थिक मदद मांग रहे हैं। कई बार शातिर कॉल करके कह रहे हैं कि आपके पापा को रुपये भेजने थे। ज्यादा रुपये चले गए बाकी के रुपये वापस कर दो। 

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ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। अगर आपके पास भी ऐसी कोई कॉल आए तो जाल में फंसे नहीं और रुपये देने से पहले अपने रिश्तेदार या पिता को कॉल करके इसे सत्यापित कर लें। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये कॉल रिकॉर्ड करके परिचित की आवाज निकालकर ठगी कर रहे हैं।

केस-; लोन के नाम पर ठगे दो लाख रुपये

थाना खैरगढ़ क्षेत्र में एक युवक से लोन के नाम पर दो लाख रुपये की ठगी की गई है। नगला हिम्मत निवासी गौरीशंकर ने बताया कि उसके नंबर एक मैसेज आया जिसमें कि लोन देने की बात कही गई थी। मैसेज से लिंक खोलने के बाद जब जानकारी भरी गई तो उसके खाते दो लाख रुपये काट लिए गए। जब वह थाने गया तो मामला साइबर थाने का बता दिया गया। उसके बाद उसने एसएसपी से शिकायत की। तब थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

केस-2; रिश्तेदार बनकर 88 हजार की ठगी

थाना दक्षिण के मोहल्ला नई बस्ती नंदराम चौक निवासी श्रीभगवान गुप्ता एक चूड़ी व्यापारी है। बीते दस जनवरी को उनके पास एक नंबर से मैसेज आने के बाद कॉल आया। कॉल पर खुद को व्यापरी का रिश्तेदार बताकर बीमार होने की दुहाई दी। इसके बाद ठग ने व्यापारी से करीब एक लाख रुपये की मांग की। 

व्यापारी ने तंगी चलने की बात कही। उसने पहले गूगल पे और उसके पेटीएम मनी ट्रांसफर के जरिए 88 हजार रुपये की रकम ठग द्वारा दिए गए नंबर पर भेज दी। परिजन ने जब उक्त रिश्तेदार को फोन किया। इस पर ठगी के पूरे मामले से पर्दा उठ गया। व्यापारी ने मामले की शिकायत साइबर थाने पर की।

केस-3; पिता की बीमारी का बहाना बनाकर की ठगी

थाना नारखी के गांव जौंधरी निवासी राजा कुमार ने बताया कि उसके पिता कुछ दिन पूर्व मजदूरी करने के लिए मथुरा गए हुए थे। इसी बीच ठगो ने उसे रिश्तेदार बनकर कॉल किया और कहा कि तुम्हारे पिता की तबियत खराब है। जल्द पैसे भेज दो। पुत्र भी पिता की तबियत बिगड़ने की बात सुनकर हड़बड़ा गया। उसके बाद उसने जुगाड़ लगाकर रिश्तेदार बनकर कॉल करने वाले के बताए गए नंबर पर 22 हजार रुपये भेज दिए।

इन बातों का रखें ध्यान

  • किसी भी अनजान नंबर पर बात करने से बचें।
  • बात करते हैं और कॉलर आपका परिचित बताकर रुपये मांगता है तो तुरंत रुपये न दें। पहले कॉल काटकर अपने उसी परिचित के नंबर पर कॉल करके सत्यापित कर लें।
  • शातिर कई बार खाते में रुपये भेजने का फर्जी मैसेज भेजकर रुपये मांगते हैं। ऐसे में पहले अपने खाते की ट्रांजेक्शन देख लेंं और उस मैसेज का सत्यापन कर लें।
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जो भी साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतें आई हैं। उन पर गंभीरता से कार्य कराया जा रहा है। कई लोगों के पैसे हम वापस करा चुके हैं। इस गैंग की कमर तोड़ने की काम जल्द किया जाएगा। -आलोक मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी
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