अतिशय क्षेत्र चंद्रवाड़ का जैन मंदिर।
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। कोरोना संक्रमण के कारण अतिशय क्षेत्र चंद्रवाड़ का प्राचीन जैन मेला इस वर्ष स्थगित कर दिया गया है। इसके कारण जैन समाज के लोगों में मायूसी छाई है। मेले का आयोजन दो अक्तूबर को निर्धारित था।
जैन विद्वान अनूपचंद्र जैन एडवोकेट बताते हैं कि जैन अतिशय क्षेत्र में 51 पंचकल्याणक हो चुके हैं। यहां दो दिवसीय भव्य मेला लगता था। 1950 में चंद्रवाड़ पूरी तरह उजड़ गया। वर्ष 1986 को कर्नाटक से जैनाचार्य विद्यानंद महाराज लौट रहे थे तो वह चंद्रवाड़ में पहुंचे। उन्होंने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। दो अक्तूबर को अवकाश होने के कारण वर्ष 1986 से फिर से मेला शुरू कर दिया गया। बब्बूजी की जीन से भव्य रथयात्रा निकाली जाती थी। मेले में हजारों की संख्या में लोग शामिल होते थे। चंद्रवाड़ जैन मेला महोत्सव समिति के अध्यक्ष नीटू जैन ने बताया कि इस बार मेला महोत्सव स्थगित कर दिया गया है। दो अक्तूबर को निकाले जाने वाली शोभायात्रा भी निरस्त कर दी गई है।वहीं, दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चंद्रवाड़ मंदिर समिति के प्रबंधक योगेशप्रकाश जैन ने बताया कि कोरोना को देखते हुए मेला स्थगित कर दिया गया है। इससे समाज के लोग मायूसी जरूर हैं, लेकिन कोविड के कारण ऐसा निर्णय लेना पड़ा है।