फिरोजाबाद। कोरोना संक्रमण के बीच इस बार मंदिरों में जन्माष्टमी पर आयोजन तो होंगे, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं जुटेगी। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव की खुशी में फूल बंगला सजाए जाएंगे। राधा रानी को नई पोशाक भी धारण कराई जाएगी। देर रात भगवान श्रीकृष्ण का पंचामृत से अभिषेक भी किया जाएगा, लेकिन श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए एक बार में पांच श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा।
राधा मोहन मंदिर: भीड़ नहीं लगने दी जाएगी
मोहल्ला दुली स्थित राधा मोहन मंदिर में श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव सादगी के साथ मनाया जाएगा। महंत श्याम बाबू भारद्वाज ने बताया कि मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। फूल बंगला के साथ गर्भगृह को सजाया जाएगा। शाम छह बजे के बाद दर्शन के लिए पट खोल दिए जाएंगे। भीड़ नहीं लगने दी जाएगी। एक बार में पांच श्रद्धालु ही प्रवेश करेंगे। रात को श्रीकृष्ण का अभिषेक के साथ ही प्रसाद बांटा जाएगा।
द्वारिकाधीश मंदिर: आठ बजे का अभिषेक निरस्त
कोरोना संक्रमण के कारण आयोजन में कुछ बदलाव किया है। महंत अभिषेक गौड़ ने बताया कि मंदिर में फूल बंगला सजाया जाएगा। हर वर्ष की तरह रात आठ बजे होने वाला अभिषेक इस बार नहीं होगा। अभिषेक रात 11 बजे से 12 बजे तक किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिर परिसर में महाआरती का आयोजन भी किया जाएगा। रात आठ बजे वाला अभिषेक भीड़ कारण निरस्त किया गया है।
बिहारी जी मंदिर: वृंदावन के कारीगर करेंगे सजावट
प्रशासन की गाइड लाइन के अनुसार ही कार्यक्रम होगा। मंदिर महंत मुन्नालाल शास्त्री ने बताया कि मंदिर में फूलों की सजावट के लिए वृंदावन के कारीगरों बुलाया गया है। मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाएगा। रंग-बिरंगी एलईडी लाइट लगाई जाएंगी। रात 12 बजे बांके बिहारी का अभिषेक किया जाएगा और महाआरती के साथ प्रसाद बांटा जाएगा। एक बार में पांच-पांच लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
राधाकृष्ण मंदिर : नहीं सजाए जाएंगे स्वरूप
मंदिर कमेटी के प्रबंधक मनीष पालीवाल ने बताया कि प्रशासन के दिशा-निर्देर्शों के मुताबिक ही मंदिर परिसर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मंदिर की सजावट तो की जाएगी, लेकिन इस बार स्वरूपों को नहीं सजाया जाएगा। रात को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के साथ ही महाआरती और प्रसाद वितरण होगा। उन्होंने अपील की है कि श्रद्धालु जन्माष्टमी का त्योहार घर पर ही हर्षोल्लास के साथ मनाएं।