फिरोजाबाद। नवरात्र के पांचवें दिन घर-घर में स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की गई। अपरान्ह 11 बजे तक महिलाएं और पुरुष मां की आराधना के लिए क्षेत्रीय मंदिरों में पहुंचे। लॉकडाउन से महिलाओं ने घर में ही सूर्य देव को जल चढ़ाया। वहीं सेंट्रल चौराहा स्थित मां दुर्गा के मंदिर के पट रविवार को बंद रहे। लोग बाहर से ही मां के हाथ जोड़ते नजर आए। नवरात्र का व्रत रखने वाली महिलाओं ने भजन संध्या का आयोजन भी किया। वहीं रामलीला परिसर स्थित मां राजराजेश्वरी कैलादेवी मंदिर पर रविवार को भी शतचंडी पाठ का आयोजन होता रहा। जबकि उसायनी स्थित माता श्री वैष्णोदेवी मंदिर पर ग्रामीण क्षेत्र की कुछ महिलाएं पहुंची, लेकिन मंदिर बंद होने के कारण वह बाहर से ही पूजा करती दिखाई दीं।
गरीब बस्तियों में वितरण किया
लॉकडाउन के चलते शहर के सभी मंदिर बंद है। यहां तक कि प्रसाद का भोग भी नहीं लगा पा रहे। ऐसे में श्रद्धालुओं ने नवरात्र में दान का तरीका बदल दिया है। कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने हलवाई से पूड़ी-सब्जी बनवाकर घर में ही मां का भोग लगाने के साथ ही गरीब बस्तियों में वितरण करा दिया।
मंदिर के पट बंद होने से दिक्कत हो रही है। 11 बजे के बाद पूजा करो तो क्षेत्र के मंदिर में भी जल चढ़ाने के लिए नहीं जा पाते। ऐसे में सुबह जल्दी उठकर पूजा-अर्चना करनी पड़ रही है। घर पर भी बच्चों का काम बढ़ा हुआ है। इसलिए पूरा दिन कट जाता है। - रजनी गुप्ता
नवरात्र को लेकर जो उत्साह होता था। वह इस बार नहीं है। मां की स्थापना तो की गई है। लेकिन मां राजराजेश्वरी कैलादेवी के दर्शन न होने से मन नहीं लग रहा। जिसके चलते घर में ही पूजा करते हैं। शाम को परिवार के साथ भजन संध्या का आयोजन भी प्रतिदिन किया जा रहा है। - रेखा झा
पहली बार ऐसी नवरात्र आई है कि मां के दर्शन नहीं हो रहे। सुबह मां के दर्शन करने के लिए कैलादेवी मंदिर जाने के लिए मन भी बनाया था, लेकिन पति और परिवार के अन्य बुजुर्गों ने घर के बाहर निकलने से मना कर दिया। इसलिए घर में ही पूजा की है। - कमलेश झा
घर के बाहर कदम नहीं रख रहे हैं। डर लगता है कि यदि कोरोना हो गया तो परिवार के अन्य लोग भी बीमार हो जाएंगे। जो पूजा-पाठ करनी होती है घर में ही कर लेते हैं। बच्चों को भी घर से बाहर नहीं भेज रहे। जिससे सभी लोग सुरक्षित रहें। - लाडो देवी