शहर के प्रमुख श्री बिहारी जी मंदिर में कान्हा की मनोहारी छवि।
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फिरोजाबाद। शहर के मध्य कृष्णापाड़ा मोहल्ला स्थित श्रीबांके बिहारी मंदिर से हजारों कृष्ण भक्तों की आस्था जुड़ी है। यह मंदिर लगभग ढाई सौ वर्ष प्राचीन है। समय-समय पर उत्सवों का आयोजन होता है। वर्तमान में इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
मंदिर में बांके बिहारी की मनमोहक प्रतिमा विराजमान है। राधा-कृष्ण को भी इस मंदिर में विराजमान किया गया है। यह मंदिर नजूल की जमीन पर बनाया गया था। मंदिर अत्यंत पुराना होने के कारण दीवारें ककइया ईट से बनीं हुई थी। अब मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। इसे भव्य रूप देने में कारीगर लगे हुए हैं। वर्तमान में मंदिर के महंत के रूप में पंडित मुन्नालाल शास्त्री सेवाएं दे रहे हैं। उनके पिता पंडित प्रताप नरायण ने भी सेवा दी थी।
सुहागनगरी में कृष्ण मंदिरों की बात करें तो वर्तमान में सर्वाधिक धार्मिक आयोजन इसी मंदिर में होते हैं। होली पर श्रद्धालु राधा-कृष्ण के साथ होली खेलने के लिए आते हैं तो हरियाली तीज पर श्रीकृष्ण भगवान हरे वस्त्रों में दर्शन देते हैं। श्रद्धालु भी राधा-कृष्ण को पालने में झूला झुलाते हैं। शरद पूर्णिमा को भगवान सफेद वस्त्रों में श्रद्धालुओं को दर्शन देते है। इस दिन भजन संध्या के साथ प्रसाद का वितरण होता है। जन्माष्टमी पर सुबह से लेकर देर रात तक कार्यक्रम होते हैं।