साक्षात्कार देने के लिए आई महिलाएं। संवाद
- फोटो : साक्षात्कार देने के लिए आई महिलाएं। संवाद
फिरोजाबाद। केंद्र सरकार की विश्वकर्मा योजना के तहत नि:शुल्क प्रशिक्षण और टूल किट पाने की आस में शनिवार को उद्योग विभाग में साक्षात्कार को पहुंची आवेदक महिलाओं में बड़ी संख्या ऐसी थी, जिनको अपने ट्रेड की बुनियादी जानकारी भी नहीं थी। सिलाई मशीन के सामान्य पुर्जों और कपड़े की माप जैसे साधारण सवालों के जवाब न दे पाने पर दर्जी ट्रेड के लिए आए 38 अपात्रों के अभ्यर्थन निरस्त कर दिए गए।
योजना के तहत दर्जी, हेयर ड्रेसर, माटीकला, हलवाई समेत छह ट्रेडों में लगभग 900 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण और किट वितरण का लक्ष्य है। शुक्रवार और शनिवार को दर्जी ट्रेड के लिए इच्छुक महिलाओं का साक्षात्कार जिला उद्योग केंद्र पर सम्पन्न हुआ। साक्षात्कार समिति के सामने कई महिलाओं की अज्ञानता खुलकर सामने आई। दीदामई निवासी अफसार एक मीटर में सेंटीमीटर की संख्या नहीं बता पाईं। अंशुल नाम की एक अभ्यर्थी 10 वर्ष की बच्ची की फ्रॉक बनाने में लगने वाले कपड़े की अनुमानित माप भी नहीं बता सकीं। हालांकि, कुछ महिला और युवतियों ने सवालों के फटाफट जवाब देकर अपनी उत्सुकता और पात्रता सिद्ध की।
गोद में नवजात लेकर पहुंचीं आवेदिका
साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान एक भावनात्मक लेकिन नियम संबंधी स्थिति भी सामने आई। नई आबादी, चिश्ती नगर निवासी अफसाना पत्नी गुल मुहम्मद अपनी गोद में एक माह के नवजात बच्चे को लेकर उद्योग विभाग पहुंचीं। समिति ने उनसे सवाल किया कि वह बच्चे की देखभाल और अनिवार्य ट्रेनिंग, जो लगभग 40 दिन की होती है एक साथ कैसे करेंगी। इस सवाल पर अफसाना कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाईं। समिति ने उनकी स्थिति को समझते हुए उन्हें अगले ट्रेनिंग सेशन में प्रशिक्षण दिलाने का आश्वासन देकर वापस भेजा।
दो दिन साक्षात्कार, 110 महिलाएं पहुंचीं, 38 अपात्र मिलीं
उपायुक्त उद्योग संध्या यादव ने बताया कि साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। दो दिन चले साक्षात्कार में 150 के लक्ष्य के मुकाबले 110 महिलाएं पहुंची थीं। इनमें से अपात्रता के चलते 38 आवेदन निरस्त किए गए हैं। केवल साक्षात्कार में सफल होने वाले अभ्यर्थियों के नाम ही प्रशिक्षण सेशन में शामिल किए जाएंगे।