बवाल के दूसरे दिन शुक्रवार को शराब के ठेके बंद रहे।
शराब बंदी को लेकर चल रहे आंदोलन की वजह से शुक्रवार को पुलिस सक्रिय दिखाई दी। मोहल्ला आजादनगर, नगला विशभनू और रामनगर की गलियों में सन्नाटा नजर आया। गुरुवार जिन महिलाओं और युवकों को पुलिस ने जेल भेजा था वह इन क्षेत्रों के रहने वाले थे।
गुरुवार को लेबर कालोनी के जिन अंग्रेजी शराब के ठेकों पर तोड़फोड़ की शुक्रवार को वहां ताला लगा था। तो उसके समीप ही बिेयर की दुकान खुली थी। जबकि नगला विश्नू स्थित देशी शराब की दुकान पर भी रौनक दिखाई दी। भले ही दोपहर के समीप सुरा प्रेमी नजर नहीं आए लेकिन सेल्समैन का कहना था कि बिक्री पर फर्क पड़ा है। क्योंकि रामनगर, आजाद नगर की महिलाओं ने इस ठेके को भी अपना निशाना बनाया था। ठेकाें का हाल देखने पुलिस टीम लाइनपार क्षेत्र के मोहल्ला आजादनगर, रामनगर के साथ नगला विश्नू पहुंची तो जिन गलियों में दोपहर के समय चूड़ियों की आवाज सुनाई देती थी। वहां पर सन्नाटा पसरा हुआ
तो वहीं एसएसपी अजय कुमार ने गुरुवार देर रात ही थानेदारों को आदेश जारी कर दिए थे। थार मोबाइल, चेतक और थानाध्यक्ष अपने अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने के साथ ही महिला कांस्टेबिल और होमगार्ड को साथ रखेंगे।
डीएम को शराब कारोबारियों ने दिया ज्ञापन
शुक्रवार को शराब कारोबारियों ने डीएम नेहा शर्मा को ज्ञापन सौंप सुरक्षा की मांग की। व्यापारियों ने कहा देशी शराब के ठेके पर लोगों को बैठाकर शराब पिलाने के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है। फिर भी पुलिस कार्रवाई के नाम पर उनका उत्पीड़न करती है। ठेके के अंदर शराब पीने वाले लोगों को पीटने के साथ ही सेल्समैन से अभद्रता की जाती है। डीएम ने एसएसपी अजय कुमार को फोन पर शराब के ठेकों की सुरक्षा करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला आबकारी अधिकारी डीएन सिंह, अशोक बघेल, रामू गुप्ता, ब्रजेश यादव आदि मौजूद थे।