आतंकी हमले में पत्नी को खो दिया, तीन गोलियां लगने के बाद बेटा ताउम्र के लिए अपाहिज हो गया, देश के लिए कभी न भूलने वाली कुर्बानी देने वाले सेना के रिटायर्ड कैप्टन जगदीश नारायण यादव के यहां शुक्रवार रात बदमाशों ने धावा बोल दिया। परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपये कीमत के जेवरात, नकदी और लाइसेंसी बंदूक बदमाश लूटकर ले गए। कस्बे में चार दिन के भीतर डाके की दूसरी घटना से लोगों में दहशत है। मंगलवार रात को नौशरा में भी इसी तरह से एक ठेकेदार यहां भी वारदात हुई थी।
मूलरूप से गांव नगला गुलाल निवासी और 2003 में सेना से रिटायर्ड हुए जगदीश नारायण यादव बटेश्वर रोड पर माधोगंज में दो मंजिला मकान में परिवारीजनों के साथ रहते हैं। शुक्रवार रात में किसी वक्त छह से ज्यादा बदमाश मकान के पीछे की बाउंड्री कूद कर घर के आंगन में आ गए। जगदीश के माता पिता गांव से आए हुए थे और गर्मी के कारण दरवाजा खोलकर सो रहे थे, इसी का फायदा बदमाशों ने उठाया और घर में प्रवेश कर गए। उन्होंने जगदीश नारायण यादव और अन्य परिवारीजनों को गन प्वाइंट पर लेकर कमरों में रखे संदूक और अलमारी के ताले तोड़ दिए। बड़े पुत्र क्रांति की पत्नी स्वर्णलता के कुंडल व अन्य आभूषण उतरवा लिए। लाइसेंसी दोनाली बंदूक, एक लाख रुपये, 14 तोले सोने के आभूषण, टीवी और अन्य समान लूटने के बाद बाहर से दरवाजा बंद कर बदमाश फरार हो गए। लुटेरों के जाने के बाद इन्होंने शोर मचाया तो लोगों को घटना का पता चला। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सुबह घटना स्थल पर पहुंचे एएसपी ग्रामीण अमर सिंह ने जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया।
आतंकी हमले में हुई थी कैप्टन की पत्नी की मौत
कैप्टन जगदीश नारायण यादव की तैनाती 2002 में ईएमई यूनिट में जम्मूू कश्मीर में में थी। आर्मी फैमिली कालोनी पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था, जिसमें उनकी पत्नी प्रेमवती की मौत हो गई थी। इस हमले में बड़ा पुत्र क्रांति तीन गोली लगने से विकलांग हो गया था।