नारखी के राजमल गांव से अगवा किए गए किसान रहमत अली को पुलिस ने गांव कायथा के पास से मुक्त करा लिया। बदमाशों ने पहले किसान को कासगंज के थाना सिकंदरपुर वैश्य के गांव समसपुर स्थित एक घर में बंधक बनाकर रखा था। रविवार रात को बदमाश उसे दूसरे स्थान पर ले जा रहे थे तभी पुलिस का उनसे आमना सामान हो गया। दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी अशोक कुमार ने बताया कि रविवार रात सीओ सिटी राजेश चौधरी, क्राइम ब्रांच प्रभारी नरेंद्र सिंह, नारखी थानाध्यक्ष प्रदीप यादव ने कायथा गांव के समीप बदमाशों की घेराबंदी कर गांव राजमल से 23 फरवरी की रात अगवा किए गए किसान रहमत अली पुत्र अल्लाह नूर को मुक्त करा दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों के नाम जितेंद्र यादव उर्फ झब्बू निवासी फतेहपुर पाट थाना एका व श्यामुउद्दीन पुत्र अलाउद्दीन निवासी खेड़िया कोडरा एका हैं। एसएसपी ने बताया कि झब्बू पर जिले के विभिन्न थानों में करीब 25 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अपहरण का एक मुकदमा बदायूं के थाना कादर चौक में दर्ज है। रहमत अली की पकड़ को छोड़ने के लिए तीन दिन पूर्व बदमाशों की ओर से पत्र भेजकर दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। रहमत अली को कासगंज के थाना सिकंदरपुर वैश्य के गांव समसपुर स्थित एक घर में बंधक बनाकर रखा था। रविवार को किसान को दूसरी जगह लेकर जाते समय पुलिस ने मुक्त करा लिया। पुलिस फरार बदमाशों की तलाश कर रही है। टीम को पुलिस अधिकारियों की ओर से 15 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है।
रिश्तेदार और ग्रामीण ने रची थी अपहरण की कहानी
घटना का खुलासा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि रहमत अली के अपहरण की कहानी उसके रिश्तेदार ने एक ग्रामीण के साथ रची थी। दोनों को चिह्नित कर लिया है, उनकी गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
यह हुआ बरामद
पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के पास से एक रायफल 315 बोर, एक बोलेरो गाड़ी बरामद की है। वहीं काफी मात्रा में कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
सौ बीघा जमीन का मालिक है किसान
पुलिस द्वारा बदमाशों के चंगुल से मुक्त कराए गए रहमत अली के पास सौ बीघा जमीन है। जबकि वह पांच भाइयों में बीच का है। सभी भाइयों की आर्थिक स्थिति अच्छी है।