एकपक्षीय कार्रवाई के विरोध में बैठी महिलाएं।
उत्तर थाना क्षेत्र के मोहल्ला भगवान नगर में शुक्रवार रात हुए बवाल के बाद पुलिस की एक पक्षीय कार्रवाई पर लोगों में आक्रोश है। भाजपा नेताओं के साथ भीड़ ने शनिवार सुबह थाने का घेराव किया। इस दौरान दूसरे पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। पुलिस ने दूसरे पक्ष से न तो तहरीर ली और न ही रिपोर्ट दर्ज की है। उधर, पुलिस ने हेडकांस्टेबल और उसके बेटे को भी जेल भेज दिया।
शुक्रवार रात मोहल्ला भगवाननगर में मामूली विवाद को लेकर गुड़िया और अमृृतलाल के बीच विवाद हो गया था। दोनों पक्षों के बीच मारपीट के दौरान पथराव की घटना को अंजाम दिया गया था। पीआरवी (यूपी 100) के सिपाहियों से अभद्रता करते हुए सरकारी गाड़ी पर पथराव भी किया था। पुलिस ने मथुरा में तैनात एचसीपी अमृतलाल और उसके बेटे आगरा में तैनात सिपाही जयवीर को गिरफ्तार किया। वहीं गुड़िया और उसके समर्थकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रयास करते रहे लेकिन पुलिस ने अमृतलाल पक्ष की एक नहीं सुनी। पुलिस की एक पक्षीय कार्रवाई का विरोध करते हुए भाजपा नेता केशवदेव शंखवार और प्रेमचंद्र शंखवार क्षेत्रीय लोगों के साथ थाना उत्तर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए थाने का घेराव भी किया। कोतवाल उत्तर शशिकांत शर्मा से मुलाकात करते हुए अमृतलाल पक्ष की तहरीर पर गुड़िया और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। उत्तर पुलिस ने देर रात गुड़िया की तहरीर पर जयवीर, भूरे, विद्याराम और गणेेश को नामजद करते हुए 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कहीं कप्तान से शिकायत पर तो नहीं हुई कार्रवाई
क्षेत्रीय लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस ने अमृतलाल और उसके बेटे जयवीर के खिलाफ इसलिए एक पक्षीय कार्रवाई की है क्योंकि पीआरवी के जवानों ने दूसरे पक्ष को मौके से भाग दिया था। इसलिए अमृतलाल पुलिस के सामने बार बार यही बात कह रहे थे कि पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर वह एसएसपी से शिकायत करेंगे।