पल्लेदार की मौत के बाद एकत्रित लोग।
कबाड़े के गोदाम पर काम करने वाले पल्लेदार कालीचरन की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गोदाम मालिक शव को अपनी ही कार में शिकोहाबाद के एटा चौराहे के समीप छोड़कर भाग गया। परिवारीजनों की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिवारीजनों का आरोप है कि गोदाम मालिक के उत्पीड़न और क्षमता से अधिक वजन उठवाने के कारण पल्लेदार की मौत हुई है।
जसराना थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर सजैती निवासी कालीचरन कठेरिया पुत्र धर्मपाल कठेरिया शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला भगवंत वाला बाग स्थित कबाड़े के गोदाम पर पिछले 20 साल से काम कर रहा था। मृतक के छोटे भाई शिवचरन ने बताया कि कालीचरन सुबह करीब सात बजे काम आने के लिए घर से निकला था। नौ बजे करीब फोन आया कि कालीचरन की तबीयत खराब है और उसे जिला अस्पताल लेकर जा रहे है। कुछ देर बाद परिवारीजनों के पास फोन आया कि कालीचरन की हालत गंभीर है। परिवारीजनों का आरोप है कि वह शिकोहाबाद के एटा चौराहे पर पहुंचे थे, तो गोदाम मालिक अपनी कार में कालीचरन के शव को छोड़कर भाग रहा था। कार में चाभी भी लगी थी। कार में शव पड़ा देख बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया। मृतक के भाई कालीचरन का आरोप है कि गोदाम मालिक के उत्पीड़न से कालीचरन की मौत हुई है। कोतवाल शिकोहाबाद का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। यदि पीड़ित पक्ष तहरीर देता है तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।