फीरोजाबाद। मोहल्ला राजपूताना चौराहा पर ठेल खड़ी करने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। मारपीट के बाद पथराव से अफरातफरी मच गई। दहशत के चलते क्षेत्र का बाजार बंद हो गया। उपद्रवियों ने पुलिस बूथ पर कब्जा कर लिया। सूचना पर कई थानों की फोर्स और पीएसी ने उपद्रवियों को भगाया। घटनास्थल पर तनाव के हालात हैं। पीएसी तैनात की गई है।
थाना दक्षिण क्षेत्र के मोहल्ला टीला निवासी प्रमोद कुमार की राजपूताना चौराहा के समीप दुकान है। दोपहर तकरीबन 12 बजे वह दुकान पर बैठे थे। तभी रामगढ़ निवासी दूसरे समुदाय के युवक ने उनकी दुकान के सामने चूड़ी (भगार) से भरी ठेल खड़ी कर दी। आरोप है कि रास्ता जाम होने पर प्रमोद ने ठेल को आगे करने को कहा तो वह झगड़ा करने लगा। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के लोग आमने सामने आ गए। जमकर मारपीट हुई। दोनों ओर र्से ईंट-पत्थर फेंके गए। कुछ लोगों ने छतों से भी पथराव किया। महिलाओं और बच्चों में चीख पुकार मच गई। लोग जान बचाने के लिए दौड़े। दुकानों के शटर गिर गए। आरोप है कि उपद्रवियों ने राकेश गुप्ता समेत अन्य दुकानोें में लूटपाट की। सूचना पर सीओ सिटी सीओ सिटी राजेश चौधरी कई थानों की फोर्स, क्यूआरटी व पीएसी के साथ पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया। प्रभारी निरीक्षक दक्षिण ने बताया कि दो समुदाय के बीच मामूली विवाद में पथराव हुआ था। कोई घायल नहीं है। उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है।
युवकों की पुलिस से हुई झड़प
उपद्रवियों को खदेड़ने के बाद पुलिस ने मोहल्ला टीला में लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस पर युवकों की उनसे झड़प हो गई। गुस्साए लोगों ने दूसरे पक्ष पर अभद्रता समेत कई आरोप लगाए।
पिकेट तैनात होती तो नहीं होता बबाल
फीरोजाबाद। मोहल्ला राजपुताना चौराहे पर रविवार को हुए दो समुदायों के मध्य विवाद के लिए पुलिस कम दोषी नहीं। चौराहे पर यदि पुलिस पिकेट तैनात होती तो शायद न पथराव होता और न ही कोई विवाद।
शहर का राजपुताना चौराहा संवेदनशील चौराहों में गिना जाता है। वहां मिश्रित आबादी है। विवाद भी कई बार हुए हैं। चौराहे पर पुलिस बूथ इसी उद्देश्य के साथ बनाया गया था लेकिन बूथ खाली पड़ा रहता है। सिपाही तो दूर होमगार्ड तक तैनात नहीं होते। रविवार को विवाद के बाद सीओ सिटी राजेश चौधरी क्षेत्र में पहुंचे तो वहां के लोग यही सवाल करते दिखे। बोले साहब पिकेट होती तो बवाल नहीं होता। सीओ सिटी अनसुना कर गए तो सिपाही ने बोला कहां से लाएं फोर्स। क्षेत्रीय नागरिकों की मानें तो विवाद सिर्फ आज ही नहीं हुआ। हर दिन ट्यूबवेल पर पानी भरने के दौरान महिलाओं एवं युवतियों के साथ अभद्रता की जाती है। पानी नहीं भरने दिया जाता। खुद बर्तनों को लगा देते हैं। कोई विरोध करे तो गाली गलौज, मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। महिलाओं ने कहा कि हम झगड़ते नहीं करते।