सूदखोरी के हाईप्रोफाइल मामले में समझौता कराने के लिए कई सप्ताह से एसपी सिटी कार्यालय पर चल रही पंचायत शुक्रवार को किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। दोनों पक्षों की बात सुनने के साथ ही एसपी सिटी ने फाइल बंद कर दोनों पक्षों को कोर्ट जाने का फरमान सुना दिया। इस दौरान पीड़ित महिला ने आरोपी पर सोशल मीडिया पर बदनाम करने का आरोप भी लगाया।
दक्षिण थाना क्षेत्र की आवास विकास कालोनी निवासी नीता पांडेय का आरोप है कि उन्होंने संजीव गुप्ता निवासी आर्चिडग्रीन से 15 लाख रुपये वर्ष 2015 में मांगे थे। संजीव गुप्ता ने पांच लाख रुपये दिए और 30 हजार रुपये फाइल चार्ज के नाम पर काट लिए। साथ ही 30 हजार रुपये अमित गुप्ता के नाम में डालते हुए कहा कि यह रुपये तुमको अमित गुप्ता द्वारा दिए जाएंगे। शेष रकम 10 दिन में देने की वायदा किया।
संजीव गुप्ता द्वारा नीता पांडेय को 6.95 लाख रुपये दिए गए। 15 लाख रुपये में से छह प्रतिशत की ब्याज से दो माह की एडवांस ब्याज भी काट ली। संजीव गुप्ता द्वारा नीता पांडेय को शेष रकम न देकर नीता के नाम से 25 लाख रुपये की बीसी चालू कर दी। बीसी के नाम पर 2.8 लाख रुपये बीसी की दो किश्तों के नाम पर काट लिए।
इस पर नीता द्वारा भुगतान न किए जाने पर संजीव गुप्ता 15 लाख रुपये की ब्याज पर चक्रवृद्धि ब्याज और 15 हजार रुपये की पेनाल्टी लगाकर दो साल में 15 लाख की रकम को 45 लाख कर दिया। नीता का आरोप है कि रुपये न देने पर परेशान किए जाने के साथ ही डरा धमकाया जाने लगा।
नीता का कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी। वहीं, संजीव गुप्ता का कहना है कि वह न तो ब्याज का काम करते है और न ही बीसी का संचालन। नीता गुप्ता ने पानी के प्लांट में पार्टनर बनाने के लिए उनसे रुपये लिए थे। इसको स्टांप पेपर पर भी लिखा पढ़ी हुई थी। ब्याज और सूदखोरी का आरोप गलत है।
बेटी की शादी के लिए एसपी सिटी से गुहार
साहब 29 अप्रैल को बेटी की बारात आनी है। उसके पास कोई इंतजाम नहीं है। यह शब्द उस पीड़िता पिता कालीचरन पुत्र रेवतीराम निवासी हिमायूंपुर के थे। जिनसे वर्ष 2016 में मोहल्ले में ही रहने वाले राजू राठौर को 50 हजार रुपये इसलिए दिए थे कि राजू उस वक्त परेशान चल रहा था। जब बेटी की शादी तय हुई तो उसने रुपये के लिए तकादा शुरु किया तो राजू ने देने से इनकार कर दिया। इसलिए पीड़ित पिता न्याय के लिए एसपी सिटी आफिस पहुंचा और फरियाद सुनाई।