नोटबंदी के दौर में ग्राहक सेवा केंद्र के नाम पर ठगी का शिकार हुई कई महिलाआें ने मंगलवार को तहसील दिवस में पहुंची। यहां उन्होंने कमिशभनर, डीआईजी और अन्य अफसरों को पीड़ा सुनाई। उन्होंने मामले की जांच कराने और पैसे वापस दिलाने की मांग की है।
पीड़ित महिलाओं ने कहा कि निरंकारी स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत बैंक ऑफ इंडिया का कोटला रोड पर ग्राहक सेवा केंद्र संचालित था। इसको कुंजबिहारी नामक व्यक्ति संचालित करता था। ग्राहक सेवा केंद्र पर हम लोगों ने खाते खुलवाए, उनमें अपने पेट काटकर हजारों रुपये जमा कराए गए। ग्राहक सेवा केंद्र संचालक कुंजबिहारी हम गरीब महिलाओं का लाखों रुपये लेकर भाग गया। हम लोगों ने बाग छिंगामल स्थित बैंक ऑफ इंडिया में संपर्क किया तो बैंक वालों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह ग्राहक सेवा केंद्र तो एक साल पहले ही समाप्त कर दिया था। वह फर्जी तरीके से चल रहा है। महिलाओं की मांग थी कि ठगी करने वाले को कड़ी से कडी सजा दी जाए तथा हमारा खातों में जमा पैसा जल्द वापस कराया जाए। अफसरों से शिकायत करने के बाद भी महिलाएं तहसील में काफी देर तक डटी रहीं।
इस दौरान पुष्पादेवी, गीता, शीलादेवी, अंगूरी देवी, अनीता, राजवती, मीना, सुमन, गुड्डीदेवी, छाया, रीनादेवी,सरिता, रामरती, रामबेटी, शशी, सुमन, सीमा, कमलेश, मिथलेश, ममता, कांता, बबीता, पार्वती, किरन शर्मा, कुसुम, अनीता आदि रहीं।