तीन दिन बैंक का चक्कर काटने के बाद नहीं बदली किसान की नोट, लगाई फांसी
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क्षेत्र के ग्राम पुरा में होली के दिन दंपति ने फांसी लगा कर जान दे दी। घटना कारण गृहकलेश माना जा रहा है। वहीं शव का पोस्टमार्टम न कराने की बात पर पुलिस और ग्रामीणों में तीखी नोकझोंक हो गयी। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर दिया। इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
सोमवार को होली वाले दिन पुरा निवासी वीरपाल घर पर ही था और गांव में होली का हुड़दंग चल रहा है। इसी बीच किसी बात को लेकर वीरपाल का उसकी पत्नी सीता से कहासुनी हो गई। वीरपाल ने 15 महीने पहले ही सीता से कोर्ट मैरिज की थी और उसने पास एक तीन साल की बेटी भी है। सीता से कहासुनी होने के बाद वीरपाल घर के बाहर निकला गया। देर शाम जब वह घर आया तो पता चला कि सीता ने फांसी लगा ली है और घर के लोग उसे लेकर सिरसागंज डाक्टर के पास गये हैं। इस दौरान सीता ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जब सीता की मौत की खबर वीरपाल को मिली तो वह तनावग्रस्त हो गया और उसने भी गांव की बस्ती के बाहर एक पेड़ से लटक कर फांसी लगा ली। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस पोस्टमार्टम के लिये शवों को सील करने की प्रक्रिया पूरी करने लगी। इस पर ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया। पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिये ले जाने की कोशिश करने लगी तो ग्रामीणों भड़क गए। उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें पुलिस की गाड़ी का शीशा टूट गया। बाद में परिवारीजनों की ओर से कार्यवाही नहीं करने की बात खिल कर देने पर पुलिस लौट गई।