चार बीघा जमीन के लिए की गई आंगनबाड़ी कार्यकत्री की हत्या
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हत्या करने के बाद हजारा नहर में फेंक दिया था शव, दो आरोपी गिरफ्तार
31 जुलाई की रात खेत में की थी जेठों ने गला दबाकर हत्या
नारखी धौकल पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकत्री की हत्या कर आरोपियों ने शव एटा जनपद में हजारा नहर में फेंक दिया था। हत्या का खुलासा करते हुए नारखी पुलिस ने शनिवार दोपहर मृतक के जेठ देवेंद्र और अरविंद को गांव कनवार के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने हजारा नहर से शव बरामद करने के प्रयास किए। आरोपियों ने चार बीघा जमीन के लिए हत्या की वारदात करने का जुर्म कबूला।
थानाध्यक्ष नारखी प्रदीप यादव ने बताया कि गीता देवी पत्नी राजकुमार की हत्या में उसके जेठ देेेवेंद्र अरविंद और उसके मामा भीमा निवासी नगला बंदी थाना महावन जनपद मथुरा शामिल थे। आरोपियों ने कबूला कि विगत 31 जुलाई की दोपहर भीमा अपनी बोलेेरो से गांव कनवार पहुंचा। गीता की हत्या करने के बाद आरोपी उसके शव को एटा जनपद के अवागढ़ थाना क्षेत्र में हजारा नहर पर ले गया। तीनों शव को नहर में फेंककर फरार हो गए। गीता के गायब होने की जानकारी पर दस अगस्त को उसके भाई सुरेश कुमार निवासी बाघई थाना नारखी ने अरविंद, देवेंद्र पाल सिंह पुत्रगण ओमप्रकाश, कुंती पत्नी अरविंद, लक्ष्मी, संजीव कुमार, भूपेंद्र पुत्रगण अरविंद और भोला पुत्र देवेंद्र के खिलाफ अपहरण करने की तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था।
पति के हिस्से की जमीन पर गीता जता रही थी हक
थानाध्यक्ष नारखी ने बताया कि गीता के ससुर ओमप्रकाश के नाम जमीन थी। ओमप्रकाश की मौत के बाद गीता की सास ने जमीन के चार हिस्से कर दिए थे। गीता की सास की मौत के बाद उसके हिस्से में आई चार बीघा जमीन अरविंद और देवेंद्र गीता को देना नहीं चाहते थे। इसक प्रमुख कारण गीता के पति राजकुमार को लापता हुए 14 वर्ष बीत चुके थे। हालांकि गीता पति के हिस्से की जमीन मांग रही थी। यही कारण रहा कि गीता की हत्या कर दी गई।