फिरोजाबाद : बामई गांव में युवक की मौत के बाद हाईवे जाम कर रहे युवकों को समझाते हुए एसएचओ शिकोहाबाद?
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सिरसागंज (फिरोजाबाद)। सिरसागंज की अरांव चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बामई निवासी युवक की बुधवार शाम हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्युत अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। हाईवे जाम करने की जानकारी होते ही सीओ सिरसागंज इन्दुप्रभा समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों को समझाने के बाद जाम खुल सका।
बामई निवासी अंशुल (18) शाम करीब 5 बजे पशुओं का चारा लेने के लिए खेत पर गया था। चारा काटते समय खेत के ऊपर से होकर गुजर रही 11000 की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी होने पर परिजन और ग्रामीण खेत पर ही एकत्रित हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने मैनपुरी-शिकोहाबाद हाईवे जाम कर दिया। जिससे वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं।
हाईवे जाम की जानकारी होते ही सीओ इन्दुप्रभा कई थानों के फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गयीं। रात साढ़े नौ बजे तक जाम लगा हुआ था। ग्रामीणों ने विद्युत निगम के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि खेतों से होकर गुजर रही 11000 की हाईटेंशन लाइन काफी नीची है। जिसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, मगर अधिकारियों ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। मौके पर पहुंची सीओ सिरसागंज इंदुप्रभा और एसडीएम एकता सिंह के काफी समझाने के बाद 9.50 बजे ग्रामीण हाईवे से हटे। तब जाकर जाम खुल सका।
इन थानों की पहुंची फोर्स
सिरसागंज की उपजिलाधिकारी एकता सिंह के साथ ही थाना शिकोहाबाद, सिरसागंज, मक्खनपुर और जसराना सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। उप जिलाधिकारी और सीओ ने ग्रामीणों तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया और शव पोस्टमार्टम के लिए फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
तीन साल पूर्व बेटी की भी हुई थी मौत
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से अंशुल की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा यूं ही नहीं फूटा। मृतक की बहन सीता की मौत भी तीन साल पूर्व हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुई थी। बुधवार को अंशुल की मौत के बाद पूरे गांव में रोष व्याप्त हो गया और लोगों ने शिकोहाबाद-मैनपुरी हाईवे को जाम कर दिया। तीन साल के भीतर एक बेटी और एक जवान बेटे की विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मौत हो गई। मां आदेश देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। राधेश्याम पर दो बेटा और दो बेटियां थीं।