जेल से रिहा की गई महिला आमना के साथ जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम खान व अन्य
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फिरोजाबाद। जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रही महिला आमना सिद्दीकी को गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्यपाल के आदेश पर रिहा कर दिया गया। जेल प्रशासन ने उनको फूलमाला पहनाकर जेल से विदा किया।
थाना व कस्बा टूंडला के कच्चा टूंडला निवासी महिला बंदी आमना पत्नी सिद्दीक की पुत्रवधू की हत्या वर्ष 2009 में हुई थी। उसका पुत्र साबिर, पति सद्दीक और वह स्वयं वर्ष 2009 से जेल में बंद है। इस दौरान महिला बंदी को केवल तीन माह के लिए जमानत मिली थी। वर्ष 2013 में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई।
जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम खान ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन की स्थाई नीति के तहत 80 वर्ष से अधिक आयु होने एवं दस वर्ष से अधिक सजा पूर्ण होने पर उक्त महिला को रिहा किया गया। रिहाई के समय महिला दस वर्ष नौ माह 25 दिन की सजा काट चुकी है। पति सद्दीक (92) ने 11 वर्ष एक माह 22 दिन सजा काट ली है। उसका मामला शासन में विचाराधीन है। महिला को जेल में लेने उसकी ननद एवं ननदोई पहुंचे। महिला की रिहाई के समय अधिवक्ता लियाकत अली एडवोकेट, जेलर आनंद सिंह, सलीम धम्मू आदि मौजूद थे।