फिरोजाबाद। नगर निगम में भ्रष्टाचार और कमीशन मांगने के आरोप अब खुलकर सामने आने लगे हैं। शहर के पार्षदों मेें दो गुट बन गए हैं। एक गुट अधिकारियों और ठेकेदारों के पक्ष में और दूसरा गुट अधिकारी और ठेकेदार के विरोध में खड़ा हो गया है। बृहस्पतिवार को भाजपा समर्थित गुट ने प्रेसवार्ता कर टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। वहीं दूसरे गुट ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा, जिसमें टेंडर प्रक्रिया को निरस्त नहीं किए जाने की मांग की।
सीबी गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में भाजपा समर्थित पार्षद विनीता अग्रवाल, फूल माला राठौर, रेखा यादव, विमला सिंह जादौन, पूनम शर्मा समेत कई भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि निगम के जिम्मेदार सपा-बसपा की मानसिकता वाले कुछ पार्षद ठेकेदारों के साथ गठजोड़ कर टेंडर प्रक्रिया को मैनेज कर शासन को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं।
आरोप लगाया कि पार्षदों के प्रस्ताव पास नहीं हो रहे और ठेकेदारों के प्रस्ताव पर कमीशन लेकर मुहर लगाई जा रही है। वार्ता के दौरान भाजपा समर्थित पार्षदों ने कर्मचारियों के निलंबन, अटैचमेंट, कुछ चहेते ठेकेदारों को काम शुरू होने से पूर्व लाखों का अग्रिम भुगतान करने और छोटे-मझोले ठेकेदारों का उत्पीड़न करने जैसे आरोप निगम अफसरों पर लगाए। वार्ता में मोहित अग्रवाल, शशिकांत शर्मा आदि ने 15वें वित्त आयोग से होने वाले कार्यों की टेंडर प्रक्रिया को दोषपूर्ण बताते हुए निरस्त करने की मांग की है।
इधर, वार्ड संख्या 40 से पार्षद देशदीपक यादव के नेतृत्व में पहुंचे कई पार्षदों ने नगर आयुक्त से टेंडर प्रक्रिया को यथावत रखने की मांग की। पार्षद मुनेंद्र यादव ने कहा कि शहरी विकास से जुडे़ कार्यों के मद्देनजर टेंडर प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया जाए। टेंडर निरस्त नहीं किए जाने की मांग करने वाले पार्षदों में शाहिद अंसारी, जाहिद परवेज, मोहम्मद इरफान, देवेद्र कुशवाहा, संतोषी राठौर, योगेश शंखवार, गेंदालाल, मुनेंद्र यादव, अवधेश वाल्मीकि आदि शामिल रहे।