थाना नगला सिंघी के गांव लांघई में झोंपड़ी में लगी आग से वृद्ध जिंदा जल गया। उसे बचाने के प्रयास में पुत्र भी झुलस गया। जबकि दो पशु भी आग की चपेट में आने से झुलस गए। ग्रामीण आग पर काबू पाते उससे पूर्व ही झोंपड़ी में रखा सामान जलकर राख हो गया।
घटना बुधवार रात करीब 12.30 बजे की है। गांव लांघई निवासी वृद्ध किसान मुंशीलाल 70 व परिवार के तीन सदस्य खेत पर पड़ी झोंपड़ी में सो रहे थे। वहीं पर उनके पशु बंधे हुए थे। इसी बीच पास में रखी करब में आग लग गई। चंद मिनटों में ही झोंपड़ी भी आग के आगोश में आ गई। मुंशीलाल और अन्य सदस्यों को आग लगने की जानकारी हुई तो उन्होंने शोरगुल कर दिया। जबकि मुंशीलाल झोपड़ी में रह गए। ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। मुंशीलाल के पुत्र पूरन ने उन्हें बचाने का प्रयास किया तो वह भी झुलस गया। बमुश्किल आग पर काबू पाया गया। ग्रामीणों ने अंदर जाकर देखा तो मुंशीलाल की मौत हो चुकी थी। जबकि दो पशु भी झुलस गए थे। कपड़े व अन्य सामान भी जलकर राख हो गया। थाना नगला सिंघी पुलिस व दमकल मौके पर पहुंची तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस ने बताया कि झोपड़ी में पूरन सिंह ने बल्ब लगा रहा था। बिजली के तारों के चलते आग लगी है।
अपनों को मिलने के लिए बुलाया था
वृद्ध किसान के पुत्र पूरन ने बताया कि उसके पिता ने दो दिन पूर्व ही बछिया दान की थी। वह भरे पूरे परिवार को देखकर अंतिम सांस लेना चाहते थे। उन्होंने सभी रिश्तेदारों को देखने की इच्छा जाहिर की थी। कुछ नजदीकी रिश्तेदार बुधवार को मिलकर गए थे तो कुछ शुक्रवार को आने वाले थे। वह अन्य रिश्तेदारों से मिल पाते उससे पूर्व ही जिंदा जल गए।