नगर निगम के निर्माण कार्यों में लाखों का गोलमाल करने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 70 से अधिक निर्माण कार्यों की जांच के लिए पूर्व में तैनात अवर अभियंता को तलब किया गया है। जिला प्रशासन के इस कदम से अन्य अधिकारियों की धड़कन भी तेज हो गई हैं।
सफाई कर्मियों का ठेका उठाने में हुए करोड़ों के घोटाले के खुलासे के बाद अब जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों में हुई गड़बड़ी की शिकायत पर भी जांच शुरू कर दी है। नगर पालिका परिषद (वर्तमान में नगर निगम) द्वारा दो वर्षों में सैकड़ों निर्माण कार्य कराए गए, इसमें अधिकांश या तो अधूरे पड़े हैं या जो पूर्ण हो चुके हैं, वह पूरी तरह गुणवत्ता विहीन हैं। निर्माण विभाग द्वारा टेंडर उठाने में भी जमकर खेल किया गया।
पूर्व चेयरमैन एवं निर्माण विभाग के अफसर व बाबुओं ने अपने चहेते ठेकेदारों को करोड़ों रुपये के टेंडर जारी किए, इसमें कुछ ठेकेदार सत्ता की पहुंच वाले भी हैं। इन्होंने कार्य में जमकर मनमानी की। एक मोहल्ले से उखाड़कर दूसरे मोहल्ले में इंटरलॉकिंग बिछा दी गई, तो कई कार्य कागजों पर ही पूर्ण कराए गए और रातों रात निर्माण कार्यों का भुगतान भी करा दिया गया।
फीरोजाबाद को नगर निगम का दर्जा मिलने एवं प्रशासक के रूप में डीएम को कमान मिलने के बाद दो साल में हुए करोड़ों के घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। निर्माण विभाग द्वारा कराए गए करीब 125 निर्माण कार्य जिला प्रशासन की जांच के दायरे में आ चुके हैं, डीएम द्वारा जांच कमेटी गठित कर इसकी गहनता से जांच कराई जा रही है। इसमें कुछ अफसर घोटाले को अंजाम देकर यहां से विदा भी ले चुके हैं।
ऐसे ही एक अवर अभियंता को जिला प्रशासन द्वारा हापुड़ से तलब किया गया है। इनके द्वारा कराए गए करीब 70 निर्माण कार्यों की जांच इनकी मौजूदगी में ही कराई जाएगी। डीएम के निर्देश पर उपायुक्त प्रमोद कुमार ने हापुड़ के चेयरमैन को पत्र भेजकर एक सप्ताह के लिए अवर अभियंता पीएस निरंजन को फीरोजाबाद नगर निगम भेजने को कहा गया है।
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निर्माण कार्य में नियमों को रख दिया ताक पर
नगर निगम सूत्रों की मानें तो शहर में कराए गए सड़क, नाली, खरंजा से लेकर बड़े नाला निर्माण कार्यों में जेई द्वारा नियमों को ताक पर रखकर काम कराया गया। क्षेत्रीय जनता द्वारा भी इसकी शिकायतें की गईं। बुलाए गए अवर अभियंता द्वारा ढोलपुरा, बंबा की ठार, नगला भाऊ से बंबा रोड तक नाला निर्माण, गोविंद नगर, नगला मोती, हिमायूंपुर सहित करीब छह दर्जन निर्माण कार्य शामिल हैं।