कासगंज। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा गंभीरता नहीं दिखा रहा है। तैयार की गई आरटीपीसीआर लैब में जांच के लिए फिलहाल सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की गई हैं। कोरोना सैंपल की जांच के लिए अभी भी स्वास्थ्य विभाग को दूसरे शहरों की लैब पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे में लैब सिर्फ सफेद हाथी बनकर रह गई है।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से आरटीपीसीआर लैब का शुभारंभ किया था। उसके बाद उम्मीद जागी की अब आरटीपीसीआर जांच नमूनों की रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रतिदिन आरटीपीसीआर लैब में नमूने जाएंगे और उसी दिन रिपोर्ट मिल जाएगी। यह सब सुनने में तो बेहतर लग रहा था, लेकिन धरातल पर कुछ खास नहीं हो पाया। कभी 5 तो कभी 10 नमूने ही इस लैब में भेजे जा रहे हैं। ऐसे में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं दिख रहा।
अभी शुरूआत है इसलिए 5 से 10 सैंपल की जांच करा रहे हैं। आने वाले समय में जिले में जितने सैंपल लिए जाएंगे, उन सभी की जांच इसी लैब में होगी। - एसपी सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी