फिरोजाबाद। महानगरों से सुहाग नगरी में आ रहे प्रवासी श्रमिक कोरोना भी ला रहे हैं। प्रवासी नागरिकों के बढ़ते आगमन के साथ ही सुहागनगरी के ग्रामीण क्षेत्र भी असुरक्षित हो गए हैं। कोरोना की शुरुआत भी जनपद में परदेसी लोगों से हुई थी। अब बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं तो कोरोना के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। विशेषकर दिल्ली, मुंबई, गुजरात और नोएडा जैसे महानगरों से आ रहे प्रवासी लोग जांच में संक्रमित मिल रहे हैं।
जनपद में तब्लीगी जमात से कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई थी। तब्लीगी जमात से जुड़े बिहार के कटियार जिले से सात जमातियों में से दो अप्रैल को चार लोग कोरोना पॉजिटिव मिले थे। बस यहीं से सुहाग नगरी में कोरोना फैलने की शुरुआत हो गई थी। लॉकडाउन लगने के बाद दूसरे शहरों से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों का सुहाग नगरी में आना शुरू हो गया। विशेषकर दिल्ली, मुंबई महानगरों से आए प्रवासी मजदूरों से खतरा बढ़ा है। अगर आंकड़ों की बात करें तो एक मई से 10 जून तक जनपद में 8752 प्रवासी आ चुके हैं, जो स्वास्थ्य विभाग की नजरों में हैं। हजारों प्रवासी मजदूर बिना रिकार्ड के महानगरों से आए हैं। जनपद में मिले 395 मरीजों में से 58 लोग प्रवासी मजदूर हैं। सोमवार को आई 19 लोगों की रिपोर्ट में पांच लोग अन्य जनपद में आए थे।
बिना लक्षण के मिल रहा कोरोना
फिरोजाबाद। हजारों प्रवासी मजदूर जनपद में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उनकी थर्मल स्क्रीनिंग करके घर भेज दिया। किंतु कई प्रवासी मजदूरों की रेंडम जांच कराई तो रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। हजारों लोगों की जांच होना संभव नहीं है। जब तक जांच की बारी आई और रिपोर्ट आने तक प्रवासी मजदूर से लोगों में संक्रमण फैल जाता है। पहले क्वारंटीन किया जाता था। किंतु बिना क्वारंटीन किए प्रवासी मजदूर घरों में जा रहे हैं और लोगों से मिल-जुल भी रहे हैं।