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नहीं रुक रहा मजदूरों का पलायन, उड़ाई जा रही आदेश की धज्जियां

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सुभाष तिराहे के समीप रेहड़ी से गंतव्य की ओर जाते हुए मजदूर। - फोटो : FIROZABAD
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शिकोहाबाद। कोरोना वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री ने पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की, लेकिन इसके दो दिन बाद दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की तरफ से भारी संख्या में लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया। जिसको लेकर सोमवार को गृहमंत्रालय के सख्त रुख के बाद सभी जिले के एसपी और डीएम को जो जहां है उसे रोकने और अस्थाई आश्रय स्थल बनवाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद लोगों का पलायन जारी है। गुरुग्राम से दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले 32 लोग 10 रेहडी लेकर बिहार के लिए निकल पड़े। लेकिन उन्हें किसी ने नहीं रोका।
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सुबह आठ बजे के करीब जॉर्जियंस स्कूल पर जब मीडिया कर्मी पहुंचे तो स्कूल के बाहर रेहडी और लोगों की भीड़ लगी हुई थी। यह सभी लोग यहां खाना बना कर खा रहे थे। जब इन लोगों से पूछा तो उन्होंने बताया कि सोमवार को उन्हें एत्मादपुर और टूंडला की सीमा पर रोक लिया गया था। रात नौ बजे के बाद उन्हें भगा दिया। राजेंद्र प्रसाद, सतेंद्र और मुंटुन का कहना है कि वह सभी लोग पटना बिहार के रहने वाले हैं। गुरुग्राम में मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। वहां दो दिन तक कुछ खाने-पीने को नहीं मिला। इसके बाद मकान मालिक भी उन्हें भगाने लगे। इस पर अपनी रेहडी लेकर ही परिवार के साथ घर के लिए निकल पड़े। उन लोगों को प्रशासन ने एत्मादपुर से शिकोहाबाद सीमा तक नहीं रोका। इसमें दो परिवार तो ऐसे थे, जिनमें से एक बच्चे को बुखार था।
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