फिरोजाबाद। दूसरे राज्यों और शहरों से पलायन करके आ रहे मजदूरों और अन्य लोगों को जिले की सीमा पर ही रोकने के आदेश हैं। इसके लिए क्वारंटाइन की व्यवस्था के साथ जिले में नौ जगह आश्रय स्थल बनाए गए हैं। स्थिति यह है कि आश्रय स्थलों में लोग रुक नहीं रहे हैं, बल्कि अपनी मंजिल की ओर कदम बढ़ाते चले जा रहे हैं। हाईवे पर सख्ती की गई है तो गांव वालों से रास्ता पूछकर लोग खेतों में होकर जा रहे हैं। अमर उजाला ने मंगलवार को आश्रय स्थलों की पड़ताल की। कहीं आश्रय स्थल बंद दिखे तो कहीं सुनसान। डीएम चंद्र विजय सिंह ने भी आश्रय स्थलों का जायजा लिया। आश्रय स्थलों पर व्यवस्थाएं पूरी हैं, लेकिन लोग यहां रुक नहीं रहे हैं।
तिलक इंटर कॉलेज फिरोजाबाद
तिलक इंटर कॉलेज में बनाए गए आश्रय स्थल में एक मीटर की दूरी पर गद्दे ड़ाले गए हैं। किंतु यहां ड्यूटी कर्मचारियों के अलावा कोई भी व्यक्ति पलायन करके नहीं आया था। क्वारंटाइन किए लोगों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी आश्रय स्थल पर पहुंची। ड्यूटी पर तैनात लोगों की जांच कर लौट गई। ड्यूटी पर तैनात राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि आश्रय स्थल पर कोई नहीं आया है। अगर कोई आएगा तो उसके लिए खाने के पैकेट मंगवा लिए जाएंगे। साबुन, पेयजल आदि अन्य सभी व्यवस्थाएं कर रखीं हैं।
श्री छदामीलाल मंदिर फिरोजाबाद
हाईवे स्थित श्री छदामीलाल जैन मंदिर के चार कमरों में आश्रय स्थल बनाया गया है। यहां भी एक मीटर की दूरी पर गद्दे लगाए गए हैं। यहां हिमाचल प्रदेश के सुभाषचंद्र ने सोमवार को रात शरण ली है। उन्हें खाने के लिए भोजन दिया गया। वह बताते हैं कि वह अपने घर जाना चाहते हैं। किंतु कोई वाहन न चलने के कारण आश्रय स्थल पर शरण लिए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी जांच की।
नगर पंचायत सभागार, जसराना
तहसील जसराना की ओर से नगर पंचायत सभागार को आश्रय स्थल बनाया गया है। सेंटर की जिम्मेदारी अधिशाषी अधिकारी आलोक रंजन को दी गई है। सभागार में पांच गद्दे डाले गए हैं। आने वाले लोगों के लिए पानी की भी व्यवस्था की गई है। वहीं मौके पर कर्मचारियों के अलावा वहां कोई नागरिक नहीं मिला। यहां अभी तक एक भी पलायन करने वाला मजदूर आश्रय लेने नहीं आया है।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, जसराना
कॉलेज का मुख्य द्वारा खुला हुआ है लेकिन अंदर कोई नहीं था। मुख्य इमारत के चैनल गेट पर ताला लगा हुआ था। मौके पर न तो कोई कर्मचारी था और न ही कोई नागरिक। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक मौके पर सभी व्यवस्थाएं कराई गई हैं। जैसे ही लोग आएंगे उनके ठहरने की व्यवस्थाएं की जाएंगी।
एलआर इंटर कॉलेज, जसराना
एलआर इंटर कॉलेज का मुख्य गेट खुला हुआ था। कॉलेज के दरवाजे पर ही कर्मचारी जयप्रकाश बैठे थे। उन्होंने बताया अंदर बडे़ बाबू अमलेंद्र कॉलेज का जरूरी कार्य निपटा रहे हैं। उसने बताया कि सोमवार को अधिकारी आए थे मंगलवार को कोई नहीं आया है।
क्षेत्रिय इंटर कॉलेज, सिरसागंज
सिरसागंज के अरांव रोड स्थित क्षेत्रिय इंटर कॉलेज में आश्रय स्थल बनाया गया है। यहां पलायन करके आने वाले मजदूरों की व्यवस्था की गई है। सिरसागंज पालिकाध्यक्ष सोनी शिवहरे ने यहां की व्यवस्थाएं चाक चौबंद कराई। यहां 6 कमरों में पांच-पांच चारपाई और गद्दे डाल दिए गए हैं। मौके पर मिले कर्मचारियों ने बताया कि सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था की जा रही है। आश्रय स्थल पर अभी कोई भी मजदूर नहीं आया है।
एडी कॉलेज और जार्जियंस एकेडमी, शिकोहाबाद
शिकोहाबाद में एनडी कॉलेज और जार्जियंस एकेडमी में आश्रय स्थल बनाए हैं। इन दोनों स्थानों पर प्रशासन ने बाहर से आए लोगों के क्वारंटीन की व्यवस्था की है। सोमवार शाम को दोनों सेंटरों पर बाहर से पलायन करके आए करीब सौ लोग ठहराए गए थे। यह लोग दिल्ली, नोएडा और हरियाणा से आए थे। सुबह करीब आठ बजे दोनों सेंटरों पर ताला लगा था। ये लोग कहां गए किसी को कुछ पता नहीं। सुबह नौ बजे दोनों सेंटरों का ताला खोला गया। समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारी सुबह भोजन के पैकेट लेकर पहुंचे, लेकिन यहां कोई नहीं मिला। नायब तहसीलदार अवनीश कुमार और आश्रय स्थल पर तैनात लेखपाल मिले। उन्होंने बताया कि रुकने वाले लोगों में ज्यादातर जसराना, सिरसागंज और आसपास के थे, जो घर चले गये। अन्य लोग भी घर जाने की जिद करने लगे तो उन्हें भी भेज दिया।
ठाकुर बीरी सिंह कॉलेज, टूंडला
टूंडला में आश्रय स्थल ठाकुर बीरी सिंह कॉलेज में बनाया गया है। पलायन करके आने वाले लोगों के क्वारंटीन की व्यवस्था की गई है। लेखपालों के साथ चिकित्सकीय टीम भी तैनात की गई है। सोमवार को यहां बाहर से पलायन करके आए करीब 50 लोग मौजूद थे, लेकिन मंगलवार सुबह कोई नहीं था। सभी लोग अपने ठिकानों पर चले गए।
लॉकडाउन के दौरान सुभाष तिराहे पर वाहनों को रोककर पूछताछ करते सीओ सिटी- फोटो : FIROZABAD