पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर कारपेंटर दिलीप उर्फ दीपा पुत्र रमेश चंद शर्मा निवासी रसूलपुर टंकी के पास व मूल निवासी मनिया, धौलपुर (राजस्थान) के तौर पर हत्यारोपी की पहचान की थी।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एलके गुप्ता की मां और उनकी भाभी की जघन्य हत्या और घर में लूट के दोषी कारपेंटर दिलीप उर्फ दीपा को मंगलवार को एडीजे-2 सर्वेश कुमार पांडेय की कोर्ट से आजीवन कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। एक थप्पड़ के बदले में गला रेतकर दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। तब इस वारदात की गूंज यूपी के डीजीपी तक पहुंची थी। 24 घंटे में पुलिस ने इस जघन्य वारदात का खुलासा किया था।
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रसूलपुर थाना क्षेत्र के नया रसूलपुर में 8 अगस्त 2019 डॉ. एलके गुप्ता की मां शिवदेवी (76) और छोटे भाई अमित गुप्ता की पत्नी रानी गुप्ता (36) की गला काटकर निर्मम हत्या कर दी थी। इसके बाद घर में रखी अलमारी को खोलकर उसमें से जेवरात की लूट की गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर कारपेंटर दिलीप उर्फ दीपा पुत्र रमेश चंद शर्मा निवासी रसूलपुर टंकी के पास व मूल निवासी मनिया, धौलपुर (राजस्थान) के तौर पर हत्यारोपी की पहचान की थी।
9 अगस्त को आसफाबाद फाटक के पास पुलिस ने घेराबंदी कर मुठभेड़ में दिलीप उर्फ दीपा को गिरफ्तार किया था। उसके पास से लूट का माल भी बरामद हुआ था। कोर्ट में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिनके आधार पर कोर्ट ने दिलीप उर्फ दीपा को दो लोगों की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
ये रहे सजा कराने में अहम सबूत
दिलीप उर्फ दीपा की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसके कब्जे से मृतक महिलाओं के आभूषण, 3450 रुपये की नगदी और खून से सनी शर्ट/बनियान के साथ-साथ कत्ल में इस्तेमाल किए गए छुरा को बरामद हुआ था। इसके अलावा अभियोजन पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज को एक भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में कोर्ट में पेश किया। फुटेज में दोषी दिलीप उर्फ दीपा की शक्ल, कद-काठी और चाल के आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई, जिसने अभियोजन पक्ष की बात को और बल मिला।
दिलीप को रानी ने मारा था चांटा
पुलिस ने दिलीप की गिरफ्तारी व उससे पूछताछ के बाद दावा किया था कि आरोपी ने बताया कि वह रानी गुप्ता द्वारा खोले गए ब्यूटी पार्लर के फर्नीचर का काम पूरा करके गया था। काम करने के दौरान रानी ने मजदूरों के सामने उसे चांटा मार दिया था, इससे वह बदले की आग में जल रहा था। घटना वाले दिन परिवार के सभी पुरुषों के घर से बाहर जाने के बाद वह हथौड़ी छूटने के बहाने वह घर में गया था और रानी की गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद वृद्धा शिव देवी ऊपर की मंजिल से नीचे आईं और शोर मचाने की कोशिश की। इस कारण उनका भी गला रेत दिया। उसने अलमारी से जेवरात व नकदी बटोरी और भाग गया था।
मुठभेड़ में पुलिसकर्मी भी हुआ था घायल
जिला पुलिस पर इस वारदात के खुलासे का बड़ा दबाव था। डीजीपी स्वयं इस घटना की जानकारी हर घंटे पर ले रहे थे। पुलिस ने अपने सभी तंत्रों को सक्रिय करते हुए दिलीप की आसफाबाद फाटक पर घेराबंदी की थी। घेराबंदी के दौरान पुलिस पर दिलीप ने फायरिंग कर दी थी, जिसमें सिपाही कन्हैया भी घायल हुआ था।
हत्या के बाद घसीटे थे शव
नया रसूलपुर गली नंबर चार में जिस मकान में सास-बहू की हत्या की गई थी, घटना स्थल का मंजर देख लोग कांप उठे थे। मकान के प्रवेश गेट के पास बने जीने से लेकर कमरे तक खून बह रहा था। वृद्धा शिव देवी गुप्ता का शव आंगन में पड़ा था। वृद्धा की हत्या मकान की ऊपर की मंजिल पर की गई थी हत्यारे ऊपर की मंजिल से नीचे तक वृद्धा के शव को घसीटते हुए लाए थे और नीचे आंगन में वृद्धा का शव डाल दिया था। वृद्धा की पुत्रवधू रानी गुप्ता का शव कमरे के अंदर पड़ा था। कमरे से लेकर आंगन तक और आंगन से लेकर ऊपर जाने वाली सीढ़ियों तक खून ही खून बह रहा था।