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साठ हजार का नुकसान मुआवजा 1500 हेक्टेयर का

Thu, 26 Mar 2015 11:29 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला फीरोजाबाद
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अन्नदाता की उम्मीदों पर बारिश एवं ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया। किसी का गेहूं जमीन पर बिछा तो किसी के आलू की फसल बर्बाद हो गई। जौ और सरसों की फसल में भी खासा नुकसान हुआ है। अरमानों पर पानी फिरता देख किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने तक को विवश हो गए हैं। प्रशासन के आंकलन में 60 हजार से अधिक फसलों को नुकसान हुआ है। 1499 हेक्टेयर में 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान बताया गया है।
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एडीएम कर्मेंद्र सिंह ने कहा दो करोड़ 69 लाख 82 हजार की सहायता राशि की डिमांड की है। कृषि एवं बीमा कंपनियों के माध्यम से भी सर्वे कराया जा रहा है। जिन किसानों पर केसीसी हैं तो उनको बीमा का लाभ दिलाया जा सके। उपनिदेशक कृषि प्रसार डीपी सिंह ने कहा पिछले दिनों जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय के साथ इंश्योरेंस की टीम ने जिले में बर्बाद हुई गेहूं, जौ, सरसों के साथ आलू, खीरा लौकी एवं सब्जियों की फसलों को देखा था। उसी के आधार पर रिपोर्ट बनाई है।

जिले में बोई गई फसलें.....
फसल की प्रजाति   बोई गई हेक्टेयर में
गेहूं                      97170
जौं                        7560
सरसों                   12240
चना                        902
मटर                        395
आलू                    65000
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बर्बाद हुई कुल फसल
फसल का नाम    हेक्टेयर
गेहूं                 45230
सरसों                3100
चना                   157
मटर                   172
मशहूर                 126
आलू                10850
अन्य                 2779
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किसानों की बर्बादी से जुड़े खास बिंदु
- प्रशासन के आंकलन में 60 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल बर्बाद हुई।
- 1499 हेक्टेयर फसल में 50 प्रतिशत से अधिक हानि हुई।  
- प्रशासन ने किसानों को मुआवजा के रूप में दो करोड़ 69 लाख 80 हजार मांगे।
- शासन ने एक करोड़ 84 लाख जिले को मुआवजा राशि के रूप में दिए।
- मुआवजा की दरें शासन ने नौ हजार प्रति हेक्टेयर की दर से बढ़ाकर 18 हजार कीं।
- मृत होने वाले किसान के परिवार को आर्थिक मदद डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख की।

फसल बर्बादी से आहत किसानों की हुई मौत
- 15 मार्च को अंगूरी देवी (58) पत्नी सिलेटी सिंह यादव निवासी खेरिया सिकमी गोहाना की फसल बर्बाद देख सदमे से मौत।
- 15 मार्च को रहीशपाल (60) पुत्र जीवाराम निवासी नैपई की फसल बर्बाद होने के कारण सदमे से मौत।
- 26 मार्च को श्री प्रकाश यादव (60) पुत्र बाबूराम निवासी लालपुर ने गोली मारकर आत्महत्या की।
- 25 मार्च को नीरज (55)पुत्र शमशेर सिंह निवासी टीकरी टूंडला को फसल की बर्बादी से सदमा लगा और उपचार के दौरान मौत।
- हरीश्चंद्र यादव (65)पुत्र गीतम सिंह निवासी टीकरी की भी मौत सदमे से हुई।

तहसीलों में भेजी मुआवजा राशि
फीरोजाबाद         36.91 लाख
शिकोहाबाद        66.00 लाख
जसराना            52.00 लाख
टूंडला              30.00 लाख
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कुल            184.91 लाख
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नोट: 84 लाख से अधिक धनराशि की अभी डिमांड शेष है।

बारिश एवं ओलावृष्टि से 50 प्रतिशत से अधिक हानि वाले किसानों को मुआवजा राशि तहसीलों को भेज दी है। इसका वितरण शुरू हो गया। जिले में अभी तक किसानों की हुई मौत की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी है। शासन ने 50 प्रतिशत से कम एवं 25 प्रतिशत से अधिक हानि वाले किसानों की सूची बनाने के आदेश मिले हैं।
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कर्मेंद्र सिंह, एडीएम फीरोजाबाद।

पांच हजार रुपये बीघा की दर से मिले मुआवजा
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस एवं खेतिहर मजदूर संघ के प्रांतीय संयोजक सतीशचंद्र अग्रवाल ने कहा बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण किसानों की 70 प्रतिशत से अधिक फसलें बर्बाद हुई हैं। सरकारी सहायता नहीं मिलने के कारण किसान आत्महत्या करने को विवश है। उन्होंने कहा कि कोटला, नारखी वश्यापुर, पचवान, त्रिलोकपुर, असन, भीकनपुर, रैपुरा, मलिक जहांनपुर, गौंदई, गढ़ी उदी, नैपई आदि गांवों के किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने कहा पांच हजार रुपया प्रति बीघा की दर से मुआवजा मिले। अजय शर्मा, मोहन सिंह, गुड्डा ठाकुर, दीपू जादौन, हरिविलास, मोटू यादव, जहीर खाकसार, महबूब अली, हकीम जहीर के साथ ही अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
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